Uttarakhand PM Visit Questions: केदारनाथ, सोना घोटाला और अंकिता केस पर उठे सवाल

उत्तराखंड प्रधानमंत्री दौरा: केदारनाथ, सोना घोटाला और अंकिता भंडारी मामले पर उठे तीखे सवाल

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गरम

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस बार मुद्दा सिर्फ विकास या योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री से कई अहम सवाल पूछते हुए जनता की भावनाओं को सामने रखने की कोशिश की है।

केदारनाथ आने की अपील के साथ उठे गंभीर सवाल

गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे इस वर्ष केदारनाथ धाम भी जाएं। लेकिन यह अपील सिर्फ धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सवाल भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को केदारनाथ से ही यह बताना चाहिए कि वहां सोने को लेकर जो गड़बड़झाला सामने आया, वह आखिर उनकी ही सरकार में क्यों हुआ।

मंदिरों में सोने से जुड़े मामलों पर सवाल

गोदियाल ने सिर्फ केदारनाथ ही नहीं, बल्कि देश के अन्य मंदिरों में भी सोने से जुड़े मामलों को उठाया। उनका कहना है कि जब सरकार खुद को पारदर्शी और जवाबदेह बताती है, तो ऐसे मामलों पर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया जाता। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने को तैयार है या फिर इन्हें नजरअंदाज किया जाएगा।

पहाड़ के विकास के वादों पर कटाक्ष

प्रधानमंत्री द्वारा पहले दिए गए बयान—“पहाड़ की जवानी और पानी अब पहाड़ के काम आएगा”—को भी इस मुद्दे में जोड़ा गया है। गोदियाल ने इस बयान को याद दिलाते हुए पूछा कि आखिर आज पहाड़ का युवा दर-दर की ठोकरें क्यों खा रहा है।

युवाओं की स्थिति पर चिंता

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं और वे मजबूर होकर पलायन कर रहे हैं। यह स्थिति उस वादे के बिल्कुल विपरीत है, जो कभी पहाड़ के विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर किया गया था।

अंकिता भंडारी मामले पर सरकार की चुप्पी

इस पूरे बयान में सबसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दा अंकिता भंडारी का है। गोदियाल ने इस मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यह मामला प्रदेश की जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अब तक इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।

सीबीआई जांच पर सवाल

उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में सीबीआई जांच का क्या हुआ। जांच की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

वीआईपी कौन है? बड़ा सवाल बना हुआ

अंकिता भंडारी मामले में सबसे बड़ा सवाल उस कथित वीआईपी को लेकर है। गोदियाल ने सीधे तौर पर पूछा कि वह वीआईपी कौन है, जिसका नाम अब तक सामने नहीं आया।

जनता को झुनझुना देने का आरोप

अपने बयान में गोदियाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि उत्तराखंड की जनता को बार-बार झुनझुना पकड़ाकर सिर्फ वाहवाही लूटी जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके परिणाम नजर नहीं आते।

जवाबदेही की मांग तेज

इन सभी सवालों के जरिए उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग को और तेज कर दिया है। उनका कहना है कि अब समय आ गया है जब सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

आगे क्या होगा?

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान इन सवालों का जवाब देते हैं या नहीं।





Uttarakhand PM Visit Questions

उत्तराखंड में पीएम दौरे से पहले बड़े सवाल

राजनीतिक माहौल गरम

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गरम हो गया है...

केदारनाथ और सोना मामला

प्रधानमंत्री से केदारनाथ जाकर सोने के मामले पर जवाब देने की मांग उठी है...

अंकिता भंडारी केस

इस मामले में सीबीआई जांच और वीआईपी को लेकर सवाल जारी हैं...

युवाओं का मुद्दा

पहाड़ के युवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं...


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