Saharanpur Asaduddin Owaisi Rally: ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी, शिक्षा और यूपी गठबंधन पर सरकार को घेरा, 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

सहारनपुर में असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा: जौहर यूनिवर्सिटी, मुस्लिम शिक्षा और यूपी गठबंधन पर बड़ा बयान, 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
सहारनपुर पहुंचे AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी
Saharanpur Asaduddin Owaisi Rally
सहारनपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शनिवार शाम सहारनपुर पहुंचे। चिलकाना बस अड्डे के पास स्थित 62 फुट रोड मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन में ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी, मुस्लिम शिक्षा, उत्तर प्रदेश की साक्षरता, आजम खान और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उनके भाषण में शिक्षा और राजनीतिक गठबंधन दोनों प्रमुख मुद्दे रहे।
Saharanpur Asaduddin Owaisi Rally
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन में असदुद्दीन ओवैसी ने जौहर यूनिवर्सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी विश्वविद्यालय को तोड़ने और उसकी 40 में से 38 इमारतों को ध्वस्त करने की कोशिश की जाती है, तो इससे सरकार की मंशा स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो इसका संदेश यही जाता है कि मुसलमानों को शिक्षित होते हुए नहीं देखना चाहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है और शैक्षणिक संस्थानों को बचाना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश की साक्षरता पर उठाए सवाल
ओवैसी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन यहां की साक्षरता दर सबसे कम है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में केवल लगभग 3.7 से 4 प्रतिशत मुसलमान ही ग्रेजुएट हैं। ऐसे में यदि शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया जाएगा या उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा तो इसका सीधा असर छात्रों की शिक्षा पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है और ऐसे संस्थानों को नियमित (रेगुलराइज) किया जा सकता है। उनके अनुसार सरकार को इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
आजम खान और छात्रों के भविष्य का किया जिक्र
सभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने आजम खान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजम खान फिलहाल चुनाव नहीं लड़ सकते और उनके बेटे भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जौहर यूनिवर्सिटी में करीब 3000 बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन छात्रों के भविष्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए और ऐसे फैसलों में विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि होने चाहिए।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा मुद्दा
ओवैसी ने अपने संबोधन में शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की प्रगति शिक्षा के बिना संभव नहीं है। यदि शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचता है तो उसका सबसे अधिक प्रभाव छात्रों और उनके भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे शिक्षा प्रभावित न हो।
AIMIM ने गठबंधन को लेकर दिया बड़ा संदेश
जनसभा के दौरान AIMIM के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मेहताब चौहान ने भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि AIMIM भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी को सम्मानजनक भागीदारी नहीं मिलती है तो AIMIM उत्तर प्रदेश की लगभग 200 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन सम्मानजनक भागीदारी के आधार पर ही संभव होगा।
ओवैसी ने दोहराया गठबंधन का प्रस्ताव
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने पहले भी बिहार और सीमांचल की धरती से यह बात कही थी और अब सहारनपुर की धरती से भी इसे दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार नहीं बनने देना चाहते और इसके लिए गठबंधन करने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समान विचारधारा वाले दल साथ आते हैं तो राजनीतिक स्तर पर मजबूत विकल्प तैयार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की इच्छा उनकी पहले भी रही है और आज भी बनी हुई है।
सेक्युलर दलों को भी दिया संदेश
सभा में ओवैसी ने उन राजनीतिक दलों का भी जिक्र किया जो स्वयं को सेक्युलर बताते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह कहता है कि ओवैसी कमजोर हैं, चुनाव नहीं जीत सकते या उनके पास केवल एक वोट है, तो वह कहना चाहते हैं कि वह एक वोट जनता का है।
उन्होंने अपने समर्थकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत होता है। उन्होंने अपने समर्थकों से एकजुट रहने की अपील भी की।

जनसभा में राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर रहा जोर
सहारनपुर की इस जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी के भाषण का केंद्र शिक्षा और राजनीतिक गठबंधन दोनों रहे। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी, छात्रों के भविष्य, उत्तर प्रदेश की साक्षरता और मुस्लिम शिक्षा जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। वहीं दूसरी ओर आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन और 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की संभावना का भी जिक्र किया गया।
सभा में दिए गए संदेश पर टिकी रही लोगों की नजर
जनसभा के दौरान दिए गए बयानों ने मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। ओवैसी ने शिक्षा, छात्रों के भविष्य और राजनीतिक रणनीति से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। वहीं पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने गठबंधन और आगामी चुनावों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। सहारनपुर की इस जनसभा में दिए गए बयान अब राजनीतिक चर्चाओं का विषय बने हुए हैं।
Comments (0)
Be the first to comment on this article.