18 जनवरी से पहले हटाएं अवैध कब्जा, अन्यथा 19 को नगर निगम करेगा कार्रवाई

सहारनपुर। नगर निगम ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से तिब्बती मार्किट में सड़क पर अवैध रूप से कब्जा कर बैठे थलेदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है। निगम द्वारा सभी अवैध थलों पर नोटिस चस्पा कर 18 जनवरी 2026 से पूर्व स्वयं कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय तिथि तक अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो 19 जनवरी 2026 को नगर निगम अपने संसाधनों से कब्जा हटाते हुए हर्जा-खर्चा वसूलेगा और संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
तिब्बती मार्किट में सड़क पर लगे अवैध थलों पर चस्पा किए गए नोटिस
नगर निगम द्वारा यह कार्रवाई तिब्बती मार्किट क्षेत्र में सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए अस्थायी थलों को लेकर की गई है। निगम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर थलेदारों के थलों पर नोटिस चस्पा किए, जिनमें उन्हें अंतिम अवसर देते हुए 18 जनवरी से पहले स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का कहना है कि यह अतिक्रमण लंबे समय से यातायात बाधा का कारण बन रहा है।

नगरायुक्त के निर्देश पर अतिक्रमण प्रभारी ने की कार्रवाई
नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी सुधीर शर्मा द्वारा यह कार्रवाई की गई। उनके द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि थलेदारों द्वारा सड़क पर अस्थायी थले लगाकर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यातायात व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है।
पहले भी कई बार दी जा चुकी है चेतावनी
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पूर्व भी 16 नवंबर 2024 एवं 20 दिसंबर 2024 को अवैध अस्थायी कब्जा हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही कई बार मुनादी कराकर भी थलेदारों को अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा अवैध कब्जा नहीं हटाया गया।
11 दिसंबर 2024 के नोटिस के जवाब को नहीं पाया गया संतोषजनक
नगर निगम द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि थलेदारों को 11 दिसंबर 2024 को नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया, लेकिन उस जवाब को संतोषजनक नहीं पाया गया। निगम का कहना है कि प्रस्तुत उत्तर में ऐसा कोई तथ्य या दस्तावेज नहीं था, जिससे यह सिद्ध हो सके कि उन्हें सड़क पर थला लगाने का कोई विधिक अधिकार प्राप्त है।
महापौर को दिए गए प्रार्थना पत्र का भी किया गया निस्तारण
चस्पा किए गए नोटिस में यह भी बताया गया है कि थलेदारों द्वारा 12 जनवरी 2026 को महापौर महोदय को एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस प्रार्थना पत्र के संदर्भ में जब निगम द्वारा अभिलेखों का अवलोकन किया गया तो यह पाया गया कि संबंधित थलेदारों को सड़क पर थला लगाने का कोई भी विधिक अधिकार प्राप्त नहीं है। इसके चलते उक्त प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया गया है।

18 जनवरी तक स्वयं कब्जा हटाने का अंतिम अवसर
नगर निगम द्वारा थलेदारों को अंतिम अवसर देते हुए स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे अपने अस्थायी अवैध कब्जे को 18 जनवरी 2026 से पूर्व स्वयं हटा लें। निगम ने यह भी कहा है कि तय समय-सीमा के भीतर यदि कब्जा नहीं हटाया गया तो 19 जनवरी 2026 को नगर निगम द्वारा अपने संसाधनों से अवैध अस्थायी कब्जा हटाया जाएगा।
कब्जा हटाने पर हर्जा-खर्चा वसूली और कानूनी कार्रवाई
नोटिस में यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि नगर निगम द्वारा कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाती है तो उस पर आने वाला पूरा हर्जा-खर्चा संबंधित थलेदारों से वसूला जाएगा। इसके साथ ही सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में निगम की कार्रवाई
नगर निगम का कहना है कि सड़क पर लगाए गए अस्थायी थलों के कारण तिब्बती मार्किट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था लगातार बाधित हो रही है। आम नागरिकों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु किया जा सके।
निगम ने दोहराया – अवैध कब्जे पर नहीं मिलेगी कोई छूट
नगर निगम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सड़क पर अवैध कब्जा करने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और नगर निगम द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में अभियान जारी रहेगा।
Comments (0)
Be the first to comment on this article.