मौत से पहले का आखिरी ऑडियो आया सामने: ‘मैम, किस-किस को खुश करूँ?’ — एमएस छात्रा डॉ. तन्वी के सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा

देहरादून मेडिकल कॉलेज की छात्रा के सुसाइड से पहले रिकॉर्ड हुई बातचीत ने खड़े किए कई सवाल

देहरादून के श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज में एमएस (MS) की छात्रा डॉ. तन्वी के सुसाइड मामले में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सामने आए ऑडियो में सुसाइड से पहले उनकी विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. प्रियंका गुप्ता के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड है। यह बातचीत करीब आधे घंटे तक चली थी और अब यह ऑडियो सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। इस रिकॉर्डिंग में डॉ. तन्वी की मानसिक पीड़ा और दबाव साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।

डॉ. तन्वी हरियाणा के अंबाला की रहने वाली थीं और देहरादून के SGRR मेडिकल कॉलेज में मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की पढ़ाई कर रही थीं। परिवार और परिचितों के अनुसार वह पढ़ाई में शुरू से ही बेहद होनहार और टॉपर छात्रा रही थीं।

“पापा! अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी” — पिता से आखिरी बातचीत

डॉ. तन्वी के पिता ललित मोहन ने बताया कि 24 मार्च की रात उनकी बेटी से करीब एक घंटे तक फोन पर बातचीत हुई थी। उस दौरान तन्वी बेहद परेशान और भावुक थी। पिता के अनुसार बातचीत के दौरान तन्वी रोने लगी थी और उसने कहा था कि अब उससे यह सब सहन नहीं हो रहा।

तन्वी ने अपने पिता से कहा, “पापा, अब बहुत परेशान हो गई हूँ। अब यह रिकॉर्डिंग मैनेजमेंट को दिखानी ही पड़ेगी।” पिता ने उसे समझाने की कोशिश की और ढांढस बंधाया। उन्होंने बेटी को हिम्मत रखने के लिए कहा और तुरंत अंबाला से देहरादून के लिए निकल पड़े।

हालांकि जब तक पिता देहरादून पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तन्वी इस दुनिया को छोड़ चुकी थीं।

ऑडियो में सुनाई दिया डॉ. तन्वी का दर्द

सामने आए ऑडियो में डॉ. तन्वी और उनकी विभागाध्यक्ष के बीच बातचीत के दौरान तनाव और नाराजगी साफ सुनाई देती है। इस बातचीत में तन्वी ने अपनी स्थिति और मानसिक परेशानी को स्पष्ट शब्दों में बताया।

ऑडियो में तन्वी कहती हैं, “मैम, आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूँ और कैसे? मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं किया।”

इसके जवाब में HOD की ओर से कहा जाता है, “आई एम नॉट टारगेटिंग यू, बस बता रही हूँ… तुमसे सब नाखुश हैं।”

इसके बाद तन्वी अपनी प्रकृति के बारे में बताती हैं और कहती हैं कि वह स्वभाव से इंट्रोवर्ट हैं। वह कहती हैं, “मैम, मैं जितनी इंट्रोवर्ट हूँ, दो से ज्यादा लोगों से इकट्ठे बात नहीं कर सकती। मुझे अपने स्पेस में रहना और काम करना पसंद है।”

यह बातचीत अब सोशल मीडिया और मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है और इसे इस मामले में अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।

पार्किंग में नहीं, सड़क किनारे मिली तन्वी की कार

डॉ. तन्वी के पिता ललित मोहन ने बताया कि जब वह रात करीब ढाई बजे देहरादून पहुंचे तो सबसे पहले कॉलेज परिसर में बेटी की कार को ढूंढा गया। लेकिन पार्किंग में कार नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने आसपास तलाश शुरू की। तलाश के दौरान पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार दिखाई दी, जो तन्वी की ही थी। जब उन्होंने मोबाइल की टॉर्च से कार के अंदर देखा तो तन्वी ड्राइविंग सीट पर बेसुध हालत में मिलीं।

बताया गया कि उनके हाथ में कैनुला लगा हुआ था और पास में करीब 100 एमएल की खाली बोतल पड़ी हुई थी। यह दृश्य देखकर परिजन घबरा गए। कार का शीशा पत्थर से तोड़ा गया और तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महज 25 साल की उम्र में बड़ा मुकाम हासिल करने की तैयारी

डॉ. तन्वी महज 25 साल की उम्र में मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) की पढ़ाई कर रही थीं। परिवार के अनुसार वह बचपन से ही पढ़ाई में बेहद तेज थीं और हमेशा टॉपर रही थीं।

उनके फाइनल एग्जाम इसी साल जुलाई में होने वाले थे। परिवार का सपना था कि तन्वी आगे चलकर एक बड़ी डॉक्टर बनेगी और अपने क्षेत्र में नाम रोशन करेगी।

उनकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार काफी उम्मीदें लगाए हुए था। तन्वी की पढ़ाई के लिए उनकी मां भी देहरादून में उनके साथ रह रही थीं ताकि वह पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें।

HOD डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज

डॉ. तन्वी की मौत के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि नई विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता द्वारा तन्वी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

परिजनों के अनुसार पुरानी HOD के जाने के बाद नई HOD ने तन्वी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। पिता का आरोप है कि तन्वी को नंबर काटने और फेल करने की धमकी दी जा रही थी।

परिवार की शिकायत के आधार पर देहरादून पुलिस ने नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

अंतिम विदाई में नम हुईं सैकड़ों आंखें

डॉ. तन्वी की मौत की खबर से परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह अंबाला सिटी के रामबाग में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम विदाई के समय बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और परिचित मौजूद थे। हर किसी की आंखें नम थीं और सभी इस होनहार बेटी को नम आंखों से विदा कर रहे थे।

अंतिम संस्कार के दौरान पिता ललित मोहन ने भारी मन से अपनी बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक करने वाला था।

परिवार और परिचितों का कहना है कि तन्वी जैसी होनहार और मेहनती छात्रा का इस तरह दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है।


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