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सोफिया स्कूल में फादर बिशप हेनरी कोमो फॉर्च्यूनेटस की 154वीं जयंती पर विशेष आयोजन, रिक्शा चालकों का हुआ सम्मान

Site Administrator 10 Dec 2025, 04:05 PM 0 views 0 comments

गरीबों के मसीहा की याद में आयोजित हुआ कार्यक्रम

आज सोफिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रांगण में सोफिया स्कूल के संस्थापक फादर बिशप हेनरी कोमो फॉर्च्यूनेटस की 154वीं जन्म जयंती बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उनके सामाजिक योगदान, सेवा भावना तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद करते हुए आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों की विशेष भागीदारी रही।

फ्रांस से भारत आकर गरीब वर्ग की सेवा का महान कार्य

फादर बिशप हेनरी कोमो को गरीब वर्ग का मसीहा माना जाता है। उन्होंने फ्रांस से भारत आकर राजस्थान में गरीब वर्ग की विशेष सेवा की। उनका उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग को शिक्षा और आत्मसम्मान प्रदान करना था। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष कार्य किए और छात्रों के लिए कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी हजारों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

रिक्शा चालकों के लिए मनाया गया विशेष ‘आम आदमी दिवस’

इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि पहली बार किसी शिक्षण संस्थान द्वारा रिक्शा चालकों के सम्मान में विशेष दिन मनाया गया। आमतौर पर सभी शैक्षणिक संस्थान टीचर्स डे, हेल्पर डे और चिल्ड्रन डे जैसे दिवस मनाते हैं, लेकिन रिक्शा चालकों के लिए कोई विशेष दिन नहीं होता। इस सोच को बदलते हुए आज “आम आदमी दिवस” के रूप में रिक्शा चालकों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ रजत सम्मान

इस अवसर पर आमंत्रित किए गए रिक्शा चालकों के सम्मान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यालय के छात्रों ने गीत, नृत्य और नाटिकाओं के माध्यम से उनके सामाजिक योगदान और उनके संघर्षमय जीवन को सम्मानपूर्वक दर्शाया। कार्यक्रम के दौरान वातावरण भावनात्मक और प्रेरणादायक बना रहा, जिससे उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो गए।

शॉल ओढ़ाकर किया गया विशेष सम्मान

कार्यक्रम के दौरान सिस्टर प्रबंधक, प्रधानाचार्या सिस्टर मेबल एवं अन्य सिस्टरों द्वारा सभी आमंत्रित रिक्शा चालकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। उन्हें समय की पाबंदी और बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए विशेष रूप से सराहा गया। यह सम्मान उनके कठिन परिश्रम और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को मान्यता देने के लिए दिया गया।

सम्मान के साथ खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन

रिक्शा चालकों के सम्मान में विशेष खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इन खेलों का उद्देश्य उन्हें केवल सम्मान देना ही नहीं बल्कि उनके चेहरे पर मुस्कान लाना था। समय पर कार्यक्रम में पहुंचने वाले रिक्शा चालकों को अलग से सम्मानित किया गया, जिससे उनमें और अधिक उत्साह देखने को मिला।

सुमित भैया ने व्यक्त किया आभार

कार्यक्रम के दौरान रिक्शा चालक सुमित भैया ने प्रधानाचार्या सिस्टर मेबल को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी शिक्षण संस्थान ने उनके सम्मान में इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया। उनके लिए यह दिन जीवनभर यादगार रहने वाला क्षण बन गया। उन्होंने इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बताया।

कार्यक्रम का समापन जलपान के साथ

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित रिक्शा चालकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान सभी रिक्शा चालक बेहद प्रसन्न और उत्साहित नजर आए। उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, जो इस कार्यक्रम की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बना।

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