स्कूल वाहनों पर सख्ती: अनफिट गाड़ियों पर कार्रवाई, मान्यता तक होगी रद्द

सहारनपुर में स्कूल वाहनों को लेकर प्रशासन सख्त

सहारनपुर जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी कीमत पर अनफिट और मानकों पर खरे न उतरने वाले वाहन स्कूलों में संचालित नहीं होंगे। प्रशासन द्वारा यह कदम बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।

अनफिट वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छोटे हाथी, पुरानी टाटा मैजिक और टैंपू जैसे अनफिट वाहन अब स्कूलों में बिल्कुल नहीं चल पाएंगे। शासन की गाइडलाइन के अनुसार केवल वही वाहन स्कूल संचालन में शामिल किए जाएंगे, जो निर्धारित मानकों को पूरा करते हों और पूरी तरह फिट हों।

चालक और परिचालक का प्रशिक्षित होना अनिवार्य

प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूल वाहनों के चालक और परिचालक का प्रशिक्षित होना अनिवार्य होगा। बिना प्रशिक्षण के किसी भी व्यक्ति को बच्चों के परिवहन की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इससे बच्चों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

हर वाहन में सीसीटीवी कैमरा जरूरी

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि अब प्रत्येक स्कूल वाहन में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। इससे वाहनों में होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

स्कूल वाहनों का पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर अपडेट होगा

प्रशासन द्वारा एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जिस पर सभी स्कूल वाहनों का पूरा विवरण अपडेट किया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से वाहनों की फिटनेस, चालक की जानकारी और अन्य जरूरी विवरणों की निगरानी की जाएगी। बिना पंजीकरण और मानकों को पूरा किए कोई भी वाहन संचालन की अनुमति नहीं पाएगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्कूल में अनफिट या डग्गामार वाहन संचालित होते पाए गए, तो संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई संभव

डीएम ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जाएगा, ताकि कोई भी संस्थान नियमों की अनदेखी न कर सके।

जांच के लिए विशेष टीम गठित

प्रशासन ने स्कूल वाहनों की नियमित जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया है। यह टीम समय-समय पर स्कूलों और उनके वाहनों की जांच करेगी और नियमों के पालन की समीक्षा करेगी।

बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील

जिलाधिकारी ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यह अभियान बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।


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