सहारनपुर में यूपी ATS की कार्रवाई: मीट फैक्ट्री में काम कर रहा रोहिंग्या नागरिक गिरफ्तार

देवबंद यूनिट की छापेमारी में अवैध रूप से रह रहे व्यक्ति की गिरफ्तारी
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की देवबंद यूनिट ने थाना कुतुबशेर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए रोहिंग्या मूल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान शाहबुद्दीन पुत्र सैय्यद अकबर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी सहारनपुर में एक मीट फैक्ट्री में काम कर रहा था और लंबे समय से भारत में अवैध रूप से निवास कर रहा था। ATS की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अवैध रूप से भारत में रह रहा था आरोपी
ATS के अनुसार गिरफ्तार किया गया व्यक्ति रोहिंग्या मूल का है और वह बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह करीब 20 से 25 वर्ष पहले म्यांमार से अवैध रूप से भारत आया था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने भारत में रहने के लिए दलाल के माध्यम से फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर मानी जाती हैं।
मीट फैक्ट्री में कर रहा था काम
जानकारी के अनुसार शाहबुद्दीन थाना कुतुबशेर क्षेत्र में स्थित एक मीट फैक्ट्री में कार्यरत था। वह सामान्य रूप से मजदूरी कर रहा था और स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। ATS की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

मोबाइल, आधार, पैन और अन्य दस्तावेज बरामद
ATS के मुताबिक आरोपी के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, जमीन के दस्तावेज और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) से जुड़े कागजात बरामद हुए हैं। बरामद दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि आरोपी ने भारत में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए विभिन्न प्रकार के कागजात तैयार कराए थे। फिलहाल सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है और मोबाइल फोन को भी तकनीकी विश्लेषण के लिए जब्त कर लिया गया है।
फर्जी पहचान पत्र बनवाने की स्वीकारोक्ति
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह दलाल के माध्यम से भारत में दाखिल हुआ था और यहीं पर फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाए थे। उसने स्वीकार किया कि पिछले दो से ढाई दशक से वह भारत में रह रहा था। ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इस मामले में कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
थाना कुतुबशेर में दर्ज हुआ मुकदमा
ATS ने आरोपी के खिलाफ थाना कुतुबशेर में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे विधिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया। बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।
जिले में रह रहे अन्य संदिग्ध लोगों की जांच शुरू
इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जिले में रह रहे अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भी जांच शुरू कर दी है। ATS यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं और भी अवैध रूप से रह रहे लोग तो नहीं हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले का संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है या यह व्यक्तिगत स्तर का मामला है। फिलहाल जांच एजेंसियां सतर्क हैं और जिले में गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी
इस गिरफ्तारी के बाद सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है। ATS की इस कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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