
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने जताई तीखी नाराज़गी
सहारनपुर। नगरायुक्त शिपू गिरि ने आज दोपहर नगर निगम अधिकारियों के साथ सीएम ग्रिड के तहत निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क पर फैले सीवर के पानी और निर्माण में की जा रही गंभीर लापरवाही को देखकर उन्होंने कार्यदायी कंपनी के ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। नगरायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कंपनी पर पेनॉल्टी लगाने और पहले से दर्ज एफआईआर के संबंध में पुलिस को नये तथ्यों से अवगत कराने के आदेश दिए।
सीएम ग्रिड के तहत कलक्ट्रेट तिराहे से दीवानी कचहरी तक निर्माण कार्य का निरीक्षण
नगरायुक्त शिपू गिरि मुख्य अभियंता निर्माण सुरेश चंद और अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव के साथ कलक्ट्रेट तिराहे से आईएमए भवन होते हुए दीवानी कचहरी तिराहे तक बन रही सड़क का स्थल निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद अमित त्यागी और राइट्स के प्रतिनिधि सत्यजीत भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने सड़क निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया।
आईएमए भवन के पास सड़क पर सीवर का पानी बहता मिला
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त उस समय दंग रह गए जब उन्होंने देखा कि आईएमए भवन के पास एसडीए की ओर जाने वाली सड़क पर खुलेआम सीवर का पानी बहाया जा रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों तथा सड़क से होकर गुजरने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए तत्काल प्रभाव से स्थिति सुधारने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
ठेकेदार ने पानी निकासी पाइप डालकर सड़क को ऊंचा उठा दिया
न केवल सीवर का पानी बहता मिला बल्कि नगरायुक्त ने यह भी देखा कि कंपनी के ठेकेदार ने आईएमए भवन के सामने पानी की निकासी के लिए सड़क के नीचे पाइप डालकर उसके ऊपर काफी मिट्टी भर दी है। इससे सड़क बहुत ऊंची उठ गई है और यहां लगातार जाम लगने की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगरायुक्त ने इस पर नाराज़गी जताते हुए इसे तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन सड़क पर खुला मिला एक चैंबर, दुर्घटना की आशंका गहरा गई
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने पाया कि निर्माणाधीन सड़क पर एक चैंबर बिना ढक्कन के खुला पड़ा है। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर की जा रही ऐसी लापरवाही बेहद गंभीर है।
कंपनी पर लगेगी पेनॉल्टी, एफआईआर के नये तथ्य भी पुलिस को भेजे जाएंगे
नगरायुक्त शिपू गिरि ने सभी खामियों को गंभीरता से लेते हुए कार्यदायी कंपनी पर पेनॉल्टी लगाने के निर्देश जारी किए। साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी और उसके ठेकेदार के खिलाफ पहले भी 31 जुलाई 2025 को एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अब निरीक्षण के दौरान मिली नई लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों को भी पुलिस को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कार्रवाई तेज की जा सके।
कंपनी पर पूर्व में भी लगे थे कई आरोप
उल्लेखनीय है कि सीएम ग्रिड परियोजना की कार्यदायी कंपनी डीएवी कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. द्वारा इसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इससे पहले भी कंपनी और उसके ठेकेदार पर सड़क खोदकर छोड़ देने, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और कार्य की गति धीमी रखने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर 31 जुलाई 2025 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
नगरायुक्त ने दिए कड़े निर्देश—लापरवाही बर्दाश्त नहीं
निरीक्षण के अंत में नगरायुक्त शिपू गिरि ने निगम अधिकारियों और ठेकेदार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और समयसीमा में पूरा होना चाहिए। सीवर का बहाव, खुले चैंबर, गलत लेवलिंग और नियमों के विपरीत निर्माण जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जनता की सुविधा के लिए होता है और इस प्रकार की लापरवाहियां पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं।