
नगर निगम अचानक अलर्ट मोड में आया
सहारनपुर में रविवार का दिन राजनीतिक सरगर्मियों के नाम रहा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के शहर से प्रस्थान के तुरंत बाद पूरा नगर निगम प्रशासन एकदम सक्रिय हो गया। अखिलेश यादव के दौरे के समाप्त होते ही शहर में प्रशासनिक हरकतें तेज देखी गईं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस हलचल के साथ सपा नेतृत्व का काफिला शहर से निकला, उसी तेजी से नगर निगम की टीमें फील्ड में उतर आईं और शहर भर में लगे राजनीतिक पोस्टरों पर कार्रवाई शुरू कर दी।
सपा द्वारा लगाए गए पोस्टर, फ्लेक्स और बोर्ड हटाए गए
सूत्रों की मानें तो सपा कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए गए स्वागत बोर्ड, फ्लेक्स और पोस्टर निगम टीम के निशाने पर रहे। नगर निगम के कर्मचारियों ने कई स्थानों पर लगे बोर्डों को बिना देरी हटवाया। कार्रवाई इतनी त्वरित थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र पोस्टरों से मुक्त दिखाई देने लगा।
यह पूरा अभियान अचानक शुरू हुआ और देखते ही देखते कई इलाकों में सपा से जुड़े प्रचार सामग्री गायब हो चुकी थी, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में हैरानी और नाराज़गी दोनों देखने को मिली।
सीएम योगी के संभावित आगमन से बढ़ी गतिविधियां
निगम की यह तेज़ी इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रशासन को यह सूचना मिली थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संभावित दौरा इसी मार्ग से हो सकता है। जिस रास्ते से सपा की रैली और नेताओं का काफिला निकला था, उसी मार्ग पर मुख्यमंत्री के संभावित आगमन की खबर मिलते ही प्रशासन सतर्क हो गया।
शासन स्तर से साफ निर्देश थे कि मार्ग पर किसी भी तरह की राजनीतिक बयानबाज़ी या विपक्षी दलों के पोस्टर दिखाई न दें, ताकि यात्रा के दौरान कोई विवाद या अव्यवस्था न हो।
निगम और पुलिस की संयुक्त टीमें फील्ड में सक्रिय
सूचना मिलते ही नगर निगम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने पूरे मार्ग पर तेज़ी से स्वीपिंग ऑपरेशन शुरू किया। डीएम और नगर आयुक्त के निर्देश पर कई टीमें अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय रहीं।
कुछ टीमें मुख्य मार्गों पर तैनात थीं, जबकि अन्य टीमें कॉलोनियों और चौराहों पर लगे पोस्टर हटाने में लगी थीं। अभियान के दौरान निगम वाहन, सीढ़ियां, मजदूरों की टीम और पुलिस बल हर स्थल पर मौजूद नजर आए।
कुछ ही मिनटों में पूरा मार्ग साफ करवाया गया
इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रफ्तार रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि जिस तेज़ी से पोस्टर और फ्लेक्स लगाए गए थे, उससे कहीं अधिक तेजी से उन्हें हटाया गया।
जिन इलाकों में अखिलेश यादव का काफिला गुज़रा था, वहां मिनटों में पूरी तरह सफाई हो गई। कई जगहों पर बोर्ड हटाने की कार्रवाई इतनी तेज़ थी कि लोग देखते ही रह गए।
सपा कार्यकर्ताओं में नाराज़गी और सवाल
बोर्ड हटाए जाने की खबर जैसे ही सपा कार्यकर्ताओं तक पहुंची, नाराज़गी का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह कार्रवाई सिर्फ विपक्षी दलों को निशाना बनाकर की जा रही है।
हालांकि प्रशासन की ओर से यह कहा गया कि यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के प्रोटोकॉल के तहत की गई है और इसका उद्देश्य मार्ग को साफ और व्यवस्थित रखना था।
कार्रवाई पूरे दिन जारी रही
नगर निगम की टीमें लगातार अलग-अलग इलाकों में डटी रहीं और शाम तक कई प्रमुख रास्तों से राजनीतिक सामग्री हटाई जा चुकी थी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस सबके चलते रविवार का दिन प्रशासन के लिए बेहद व्यस्त रहा और शहर में राजनीतिक वातावरण भी खासा गर्म दिखाई दिया।