
निरीक्षण के दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ी अनियमितताओं पर मेयर भड़के
सहारनपुर में शुक्रवार को नगर निगम में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मेयर डॉक्टर अजय कुमार सिंह ने अचानक जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली की जांच की। इस दौरान मेयर और एक लिपिक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद कर्मचारियों में भी नाराज़गी देखी गई और कुछ समय के लिए कामकाज बाधित रहा।
अनियमितताओं की शिकायतों के बाद मेयर का अचानक निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में देरी तथा अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। नागरिकों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए मेयर डॉक्टर अजय कुमार सिंह शुक्रवार को बिना पूर्व सूचना के संबंधित शाखा का निरीक्षण करने पहुंचे। मेयर ने सबसे पहले लंबित फाइलों, आवेदन-पत्रों और रिकॉर्ड को देखने के लिए कर्मचारियों से जानकारी मांगी।
निरीक्षण के दौरान मेयर ने पाया कि कई प्रमाणपत्र समय पर जारी नहीं किए गए हैं और कुछ मामलों में रिकॉर्ड में भी विसंगतियां हैं। इसी को लेकर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
मेयर और लिपिक के बीच तीखी बहस
निरीक्षण के समय एक लिपिक से मेयर ने लंबित कार्यों की जानकारी मांगी। आरोप है कि बातचीत के दौरान लिपिक ने कुछ प्रतिक्रियाएँ ऐसी दीं जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। मेयर ने रिकॉर्ड अपडेट न होने और सार्वजनिक शिकायतों पर कार्रवाई में लापरवाही को लेकर सख्त नाराज़गी जताई।
मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, मेयर और लिपिक के बीच इस दौरान कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई जैसी स्थिति तक पहुंच गया। वीडियो में मेयर द्वारा लिपिक का कॉलर पकड़ने जैसी हरकत भी दिखाई देती है, जिसके सामने आने के बाद कई कर्मचारी आक्रोशित हो गए।

वीडियो वायरल होते ही नगर निगम कर्मचारियों में नाराज़गी
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, नगर निगम कर्मचारियों में भारी रोष देखने को मिला। कई कर्मचारियों ने इसे अनुचित बताया और कहा कि बातचीत के दौरान ऐसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए थी। वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना था कि कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सख्ती ज़रूरी है, लेकिन व्यवहार की मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
घटना के बाद कर्मचारियों का एक समूह एकत्र हुआ और उन्होंने इस मामले पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की। कुछ देर के लिए कार्यालय में कामकाज भी प्रभावित रहा।
लिपिक की तबीयत बिगड़ने की जानकारी
विवाद के दौरान लिपिक की तबीयत बिगड़ने की भी खबर आई। बताया गया कि बहस और तनाव के बाद लिपिक अस्वस्थ महसूस करने लगा और उसे मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। कर्मचारियों ने इसे घटना का गंभीर पक्ष बताते हुए प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की।
घटना पर नागरिकों की मिश्रित प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर आम नागरिकों की प्रतिक्रियाएँ भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं। कुछ लोगों ने कहा कि यदि प्रमाणपत्र के काम में देरी हो रही है तो उच्च स्तर पर सख्ती जरूरी है, क्योंकि इन दस्तावेज़ों की देरी से आम जनता को काफी परेशानी होती है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ नागरिकों का मानना था कि भले ही कार्य संबंधी गड़बड़ियां हों, लेकिन किसी भी कर्मचारी के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए जिससे सम्मान या मर्यादा को ठेस पहुंचे।

नगर निगम प्रशासन की स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी
घटना के तूल पकड़ने के बाद नगर निगम प्रशासन अब पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है। संभावना है कि प्रबंधन जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगा ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
सूत्रों का कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा में कार्यप्रणाली को और व्यवस्थित करने के लिए आने वाले दिनों में नए दिशा-निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं।
वीडियो वायरल होने से बढ़ी चर्चा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई स्थानीय ग्रुप और न्यूज़ पोर्टल इस घटना पर रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। शहर में भी यह विषय लगातार चर्चा में है कि नगर निगम में जनसेवा से जुड़े कार्यों में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है।
मेयर की सख्ती और कर्मचारी असंतोष के बीच बढ़ी खाई
यह घटना मेयर और कर्मचारियों के बीच पहले से मौजूद असंतोष को और बढ़ाती हुई दिख रही है। जहां मेयर का कहना है कि उनकी प्राथमिकता जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है, वहीं कर्मचारी कार्यभार और स्टाफ की कमी को देरी का मुख्य कारण बताते हैं। यह मामला दोनों पक्षों के बीच संवाद की कमी को भी उजागर करता है।
आने वाले दिनों में हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों का मानना है कि प्रशासन इस घटना की जांच कर सकता है और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र शाखा के कामकाज में सुधार के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। साथ ही, वीडियो में दिखी मारपीट जैसी हरकत पर भी उच्च स्तर पर चर्चा होने की संभावना है।
समापन
नगर निगम सहारनपुर में मेयर और लिपिक के बीच हुआ यह विवाद अब सुर्खियों में है। जहां जनता मेयर से तेज और पारदर्शी कार्यप्रणाली की उम्मीद करती है, वहीं कर्मचारियों का कहना है कि सम्मानजनक व्यवहार के बिना बेहतर काम संभव नहीं। आने वाले समय में प्रशासन की ओर से इस घटना पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।