
खादी महोत्सव 2025-26 में युवाओं का जोश और योग के प्रति बढ़ता उत्साह
सहारनपुर : उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, सहारनपुर द्वारा कम्पनी बाग, बेहट रोड पर आयोजित भव्य सहारनपुर खादी महोत्सव 2025-26 इन दिनों शहर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह महोत्सव 11 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खादी, ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प और भारतीय परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत करने वाला यह आयोजन न केवल शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण लेकर आया है बल्कि युवाओं के बीच स्वास्थ्य, योग एवं स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहा है।

कणाद वैदिक गुरुकुल के छात्रों का योग प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र
महोत्सव के प्रदर्शनी क्षेत्र में महर्षि कणाद वैदिक गुरुकुल, चाको के छात्रों द्वारा प्रस्तुत योगाभ्यास का कार्यक्रम लगातार आगन्तुकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किए गए विविध योगासन न केवल दर्शकों को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश भी दे रहे हैं। सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, पद्मासन, भुजंगासन जैसे आसनों के संयोजन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। छात्रों का सहज संतुलन और लयबद्ध अभ्यास इस बात का प्रमाण था कि युवाओं में योग के प्रति गंभीरता व अनुशासन लगातार बढ़ रहा है।
छात्र-छात्राओं ने जाना योग का महत्व और आयुर्वेद की भूमिका
खादी महोत्सव के दौरान राजकीय पॉलिटेक्निक, दिल्ली रोड के छात्र-छात्राओं ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान मेसर्स शिवम सेवा सदन, मुबारिकपुर, गंगोह के प्रतिनिधि संजय सैनी ने विद्यार्थियों को योग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन एवं तनाव नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विद्यार्थियों को आयुर्वेद की मूलभूत अवधारणाओं और दैनिक जीवन में इसके प्रयोग के बारे में सुगम और उपयोगी जानकारी भी प्रदान की गई।
संजय सैनी ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग और आयुर्वेद भारतीय परंपरा के ऐसे उपहार हैं, जिन्हें नियमित रूप से अपनाकर हम जीवन में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं।

खादी, ग्रामोद्योग और स्वदेशी संस्कृति को बढ़ावा देने का उद्देश्य
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी, सहारनपुर ने बताया कि खादी महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को खादी, ग्रामोद्योग तथा भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल स्वदेशी वस्त्रों को प्रोत्साहित करता है बल्कि ग्रामीण कारीगरों के कौशल और उनके द्वारा निर्मित उत्पादों को भी व्यापक मंच प्रदान करता है। इसके साथ ही महोत्सव युवाओं को भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों, योग और आयुर्वेद की मूल पहचान से भी रूबरू करा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि महोत्सव का यह संस्करण विशेष रूप से युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने पर केंद्रित है, ताकि आने वाली पीढ़ी भारत की संस्कृति और स्वदेशी उत्पादों के महत्व को समझ सके। विद्यार्थियों, परिवारों और स्थानीय व्यापारियों की उपस्थिति महोत्सव को और भी सार्थक बना रही है।

प्रतिदिन बढ़ रही भीड़ और उत्साह, खादी उत्पादों की मांग में वृद्धि
महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुँच रहे हैं, जिसके चलते प्रदर्शनी क्षेत्र लगातार गुलजार बना रहता है। खादी के कपड़े, प्राकृतिक उत्पाद, हर्बल वस्तुएं, आयुर्वेदिक सामग्री और ग्रामीण उद्योगों के हस्तनिर्मित सामान लोगों की पसंद बन रहे हैं। स्थानीय कलाकारों और कारीगरों की मेहनत से तैयार किए गए उत्पाद आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
प्रदर्शनी में मौजूद आगंतुकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन लोगों को भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं और स्वदेशी उत्पादों पर भरोसा बढ़ाते हैं। छात्रों के योगाभ्यास और स्वास्थ्य कार्यक्रमों ने महोत्सव में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

खादी महोत्सव बना सांस्कृतिक और स्वास्थ्य जागरूकता का संगम
खादी महोत्सव 2025-26 न केवल खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्वास्थ्य, संस्कृति और परंपरा का सुंदर संगम भी बनकर उभरा है। युवा वर्ग से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी के लिए यह एक प्रेरणास्रोत मंच साबित हो रहा है। छात्र-छात्राओं के योग अभ्यास और विशेषज्ञों द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बना रही हैं।
आगामी दिनों में महोत्सव में और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, योग प्रदर्शन और स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन प्रमुख होंगे।