
नगरायुक्त शिपू गिरि ने ढमोला नदी के पास बन रहे 135 एमएलडी एसटीपी प्लांट की प्रगति की समीक्षा की
सहारनपुर। नगरायुक्त शिपू गिरि ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ ढमोला नदी के दूसरी ओर निर्माणाधीन 135 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य परियोजना की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेना तथा निर्माण से जुड़ी समस्याओं को समझना रहा। नगरायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
निर्माण स्थल पर अधिकारियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त शिपू गिरि ने निर्माण स्थल पर ही उपजिलाधिकारी सदर, जल निगम तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में परियोजना से संबंधित भूमि, साइट प्लान और निर्माण की तकनीकी स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता को लेकर सभी विभागों से जानकारी ली गई, ताकि भविष्य में परियोजना के कार्य में कोई बाधा न आए।
नमामि गंगे योजना के तहत हो रहा है एसटीपी प्लांट का निर्माण
सहारनपुर महानगर की सीवरेज व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जल निगम ग्रामीण मुजफ्फरनगर इकाई द्वारा नमामि गंगे योजना के अंतर्गत इस 135 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। यह प्लांट ढमोला नदी के दूसरी ओर बनाया जा रहा है, जिससे शहर के गंदे पानी का उपचार कर उसे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
एनजीटी के निर्देशों के कारण सामने आई भूमि से जुड़ी समस्या
बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि नदी पर लगभग 50 मीटर लंबाई में पुल बनाए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है। यदि उक्त पुल का निर्माण किया जाता है, तो एसटीपी प्लांट के लिए पहले से आवंटित भूमि का क्षेत्रफल कम हो सकता है। इसी कारण परियोजना को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता सामने आ रही है।
अतिरिक्त भूमि को लेकर नगरायुक्त ने ली विस्तृत जानकारी
नगरायुक्त शिपू गिरि ने बैठक के दौरान राजस्व अभिलेखों के आधार पर निर्माण स्थल की भूमि की स्थिति को समझा। इसके साथ ही साइट प्लान और नक्शों के माध्यम से यह देखा गया कि उपलब्ध भूमि परियोजना के लिए कितनी उपयुक्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर है और यदि आवश्यकता पड़े तो अतिरिक्त भूमि भी ली जा सकती है।
जिलाधिकारी को अवगत कराने के निर्देश
नगरायुक्त ने कहा कि अतिरिक्त भूमि लेने से पहले जल निगम और सिंचाई विभाग को उपजिलाधिकारी सदर के माध्यम से जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण की जानकारी देनी चाहिए। सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर समस्या का समाधान किया जाना आवश्यक है, ताकि एसटीपी परियोजना का कार्य किसी भी स्तर पर बाधित न हो।
कार्यदायी संस्था को समयसीमा का पालन करने के निर्देश
नगरायुक्त द्वारा परियोजना की समयावधि को लेकर पूछे जाने पर कार्यदायी संस्था जल निगम ग्रामीण मुजफ्फरनगर इकाई के अधिकारियों ने बताया कि एसटीपी प्लांट को पूरा करने के लिए दो वर्ष की समयसीमा निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा।

नगरायुक्त का स्पष्ट संदेश, कार्य नहीं होना चाहिए बाधित
नगरायुक्त शिपू गिरि ने बैठक में कहा कि यह परियोजना सहारनपुर शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य किसी भी कारण से रुकना नहीं चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नगरायुक्त ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों की उपस्थिति में हुई समीक्षा
इस बैठक में उपजिलाधिकारी सदर सुबोध कुमार, सहायक नगरायुक्त जे.पी. यादव, महाप्रबंधक जलकल पुरुषोत्तम कुमार के अलावा जल निगम, सिंचाई विभाग तथा कार्यदायी संस्था जल निगम ग्रामीण मुजफ्फरनगर इकाई के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित जानकारी साझा की और परियोजना को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम परियोजना
135 एमएलडी क्षमता का यह एसटीपी प्लांट सहारनपुर महानगर की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नगरायुक्त ने दोहराया कि परियोजना का उद्देश्य शहर के पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।