सहारनपुर: दो दिन की शर्त पर खुला रुतबा बैंक्वेट हॉल अब तक क्यों नहीं हुआ सील, उठ रहे बड़े सवाल

रुतबा बैंक्वेट हॉल पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

सहारनपुर महानगर के अंबाला रोड स्थित रुतबा बैंक्वेट हॉल एक बार फिर चर्चाओं में है। दस्तावेज पूरे न होने और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के चलते 16 मार्च 2026 को सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा इस बैंक्वेट हॉल को सील किया गया था। उस समय प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई थी। प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई थी, जिसके बाद स्थानीय समाचार पत्रों में भी यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी।

अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी कार्रवाई

बताया जाता है कि रुतबा बैंक्वेट हॉल का निर्माण नियमों के विरुद्ध किया गया था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी की ओर से दी गई रिपोर्ट में भी बैंक्वेट हॉल को असुरक्षित बताया गया था। अग्निशमन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि यह बैंक्वेट हॉल शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों के लिए सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि यदि यहां किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो भारी जनहानि होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए सहारनपुर विकास प्राधिकरण ने 16 मार्च को बैंक्वेट हॉल को सील करने की कार्रवाई की थी।

दो दिन बाद ही हटा दी गई सील

हालांकि बैंक्वेट हॉल को सील किए जाने के केवल दो दिन बाद ही विभाग द्वारा इसकी सील खोल दी गई। बताया गया कि बैंक्वेट हॉल में एक लड़की की शादी पहले से बुक थी और यदि वह शादी यहां नहीं होती तो लड़की का रिश्ता टूट सकता था। इसी तर्क को आधार बनाते हुए प्राधिकरण के तत्कालीन उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय ने दरियादिली दिखाते हुए बैंक्वेट हॉल को दो दिन के लिए खोलने की अनुमति दे दी।

दो दिन की अनुमति के बाद भी दोबारा नहीं लगी सील

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दो दिन के लिए हटाई गई सील को उसके बाद फिर से क्यों नहीं लगाया गया। नियमों के तहत दो दिन की अनुमति के बाद बैंक्वेट हॉल को दोबारा सील किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और कई सवाल उठने लगे हैं।

स्थानांतरण को लेकर भी फैल रही अफवाहें

रुतबा बैंक्वेट हॉल के मालिक रईस अहमद के करीबी सूत्रों के अनुसार सील लगाए जाने के बाद तत्कालीन उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय का स्थानांतरण करा दिया गया। इसके साथ ही यह भी अफवाह फैल रही है कि यदि कोई अन्य अधिकारी भी इस बैंक्वेट हॉल की फाइल को छेड़ेगा तो उसका भी इसी तरह स्थानांतरण करा दिया जाएगा। इन अफवाहों के चलते प्रशासनिक तंत्र में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

नए उपाध्यक्ष के सामने बनी चुनौती

वर्तमान में सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सूरज पटेल के सामने यह मामला एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। नियमों के विरुद्ध बनाए गए इस बैंक्वेट हॉल को लेकर शहर में लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए इस बैंक्वेट हॉल को सील करने के साथ-साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

अग्निकांड की घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता

पिछले एक माह के दौरान होटलों और बैंक्वेट हॉल में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन रुतबा बैंक्वेट हॉल को दोबारा सील करता है या फिर अग्निशमन विभाग अपनी रिपोर्ट में कोई बदलाव करता है।

तीन महीने पहले जारी किए गए थे नोटिस

इस पूरे मामले की शुरुआत तीन महीने पहले ही हो गई थी। सहारनपुर विकास प्राधिकरण की ओर से 10 दिसंबर 2025 को रईस पुत्र सईद को एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें 18 दिसंबर 2025 तक शमन मानचित्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि तय समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो निर्माण को सील कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

12 दिसंबर की रिपोर्ट में बताया गया था अवैध

12 दिसंबर 2025 को मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट में भी रुतबा बैंक्वेट हॉल को अवैध बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि यह बैंक्वेट हॉल शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों के लिए सुरक्षित नहीं है और यदि यहां कोई घटना होती है तो बड़ी जनहानि हो सकती है। इसलिए बैंक्वेट हॉल के संचालन पर तुरंत रोक लगाने की सिफारिश की गई थी।

प्राधिकरण की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

इसके बावजूद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि जब बैंक्वेट हॉल को असुरक्षित बताया जा चुका था, तो फिर आखिर कैसे तत्कालीन प्राधिकरण उपाध्यक्ष संतोष कुमार राय और सचिव विजय शुक्ला के कार्यकाल में इसका संचालन जारी रहा। सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण सचिव और एक मशहूर आर्किटेक्ट की मिलीभगत के चलते तीन महीने तक बैंक्वेट हॉल पर सील लगाने की कार्रवाई टाल दी गई और इस दौरान लोगों की जान जोखिम में डालकर इसका संचालन होता रहा।

शहरवासियों ने की कार्रवाई की मांग

महानगर के लोगों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। शहरवासियों का मानना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण के नए उपाध्यक्ष सूरज पटेल से मांग की है कि रुतबा बैंक्वेट हॉल को तत्काल सील किया जाए ताकि महानगर में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।


Comments (0)

Be the first to comment on this article.

Leave a comment