
कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार का सेवा कार्यक्रम में आगमन
मंडल के नए कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार ने कहा कि गरीबों और असहायों की सेवा करना तथा भूखे लोगों को गरिमा और सम्मान के साथ भोजन कराना ईश्वर की सेवा से कम किसी भी प्रकार की बड़ी सेवा नहीं है। वह आज नगर के गांधी पार्क स्थित लोक कल्याण समिति के तत्वावधान में विगत नौ वर्षों से संचालित प्रभु जी की रसोई में सेवा देने के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वयं अपने हाथों से गरीब और जरूरतमंद लोगों को सात्विक भोजन परोसा और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
प्रभु जी की रसोई की स्थापना और इतिहास
शीतल टंडन ने बताया कि प्रभु जी की रसोई की स्थापना 9 अगस्त 2027 को यहां के तत्कालीन कमिश्नर एवं वर्तमान में नैफेड, नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक दीपक अग्रवाल द्वारा की गई थी। स्थापना के समय से ही इस रसोई का संचालन समिति के सचिव और प्रमुख समाजसेवी 78 वर्षीय शीतल टंडन द्वारा निरंतर किया जा रहा है। पिछले नौ वर्षों में यह रसोई शहर के हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए आशा और सहयोग का एक बड़ा माध्यम बनी है।
समिति की ओर से सेवा कार्यों की जानकारी प्रस्तुत
समिति की ओर से कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार को प्रभु जी की रसोई द्वारा बीते नौ वर्षों में किए गए सेवा कार्यों, भोजन वितरण और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डॉ. रूपेश कुमार ने इस रसोई के कार्यों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में सकारात्मक वातावरण बनाती है और मानवता के संदेश को मजबूत करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह अपने स्तर से इस सेवा कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।

कमिश्नर का सम्मान और समाजसेवियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान प्रभु जी की रसोई के सेवाकार्यों से जुड़े व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शीतल टंडन, कर्नल संजय मिड्ढा, पार्षद सुभाष कुमार, रवि टंडन, हेमंत कपूर, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंघल, रमेश अरोड़ा, मुरली खन्ना, अनिल सलूजा, संजीव सचदेवा, अशोक मलिक, सतीश ठकराल, प्रदीप आहूजा, भोपाल सिंह सैनी, विपिन तनुजा, अनिल तनुजा, केएल छाबड़ा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। शीतल टंडन की ओर से उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया।
सेवा कार्य की निरंतरता और प्रतिबद्धता
प्रभु जी की रसोई लंबे समय से शहर के गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करा रही है। समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और सेवा भावना इस रसोई की पहचान बन चुकी है। प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां सात्त्विक और गरिमामय भोजन ग्रहण करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर ने भी इस प्रयास को मानवता की मिसाल बताया और कहा कि ऐसी सेवाओं का विस्तार समाज में सकारात्मकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है।
समाज में उत्कृष्ट उदाहरण बना यह कार्यक्रम
गांधी पार्क स्थित यह रसोई समाज में मानवता और निःस्वार्थ सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। नौ वर्षों से निरंतर चल रही इस व्यवस्था ने न केवल जरूरतमंदों की भूख मिटाई है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ भोजन का अधिकार भी प्रदान किया है। कमिश्नर डॉ. रूपेश कुमार की उपस्थिति ने इस पहल को और अधिक प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान की है।