दरगाह पिरान कलियर में भ्रष्टाचार का मामला फिर उजागर, अवैध वसूली करते कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ा

डिजिटल दर्पण न्यूज नेटवर्क

दरगाह में फिर अवैध वसूली का मामला सामने आया

रुड़की: पीरान कलियर दरगाह कार्यालय एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में आ गया है। दरगाह में आए दिन कर्मचारियों द्वारा ज़ायरीनों से अवैध वसूली के मामले सामने आते रहते हैं। बावजूद इसके, इन मामलों में कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

सीसीटीवी और अधिकारियों का भी नहीं रहा डर

दरगाह परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद कर्मचारियों में किसी तरह का डर दिखाई नहीं देता। न ही उन्हें अधिकारियों की कार्रवाई का भय है। यही कारण है कि अवैध वसूली की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और प्रशासन की सख्ती कहीं नजर नहीं आती।

निलंबित कर्मचारियों की ड्यूटी का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था

हाल ही में यह मामला भी चर्चा में था कि निलंबित किए गए भ्रष्ट कर्मचारी दरगाह अधिकारियों से सांठगांठ कर फिर से ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं। यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक और नया मामला सामने आ गया।

नायब तहसीलदार ने कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ा

सोमवार शाम को दरगाह में ड्यूटी पर तैनात एक कर्मचारी को नायब तहसीलदार द्वारा ज़ायरीनों से अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई औचक निरीक्षण के दौरान की गई, जिससे मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

अवैध वसूली की रकम के साथ पकड़ा गया कर्मचारी

पकड़े गए कर्मचारी के पास से अवैध वसूली की रकम भी बरामद हुई। उसे पूछताछ के लिए दरगाह कार्यालय लाया गया, लेकिन पूछताछ से पहले ही वह मौका देखकर वहां से फरार हो गया।

कार्यालय से फरार होने से प्रशासन पर उठे सवाल

कर्मचारी का पूछताछ से पहले ही फरार हो जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस घटना के बाद पूरे दरगाह परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों में डर का माहौल देखने को मिला।

नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी

नायब तहसीलदार मो. यूसुफ ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई उच्च स्तर पर की जाएगी।

निलंबित कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

औचक निरीक्षण के दौरान जहां एक कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ा गया, वहीं पहले से निलंबित कर्मचारी जो अवैध रूप से ड्यूटी कर रहे थे, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया।

सांठगांठ कर फिर से बहाली की कोशिशें

यह भी सामने आया है कि निलंबित कर्मचारी दरगाह अधिकारियों से सांठगांठ कर दोबारा ड्यूटी पर लौटने की कोशिश में लगे हुए हैं। ये कर्मचारी दरगाह परिसर और कार्यालय में सक्रिय रहते हुए अपनी पकड़ बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार मुक्त दरगाह पर उठे गंभीर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को सांठगांठ के जरिए फिर से बहाल कर दिया जाता है, तो दरगाह कार्यालय को भ्रष्टाचार मुक्त कैसे बनाया जा सकेगा। लगातार सामने आ रहे मामलों के बावजूद सख्त कार्रवाई का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है।


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