Muzaffarnagar: स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में बड़ी राहत, बैलेंस खत्म होने पर 3 दिन का ग्रेस पीरियड, रिचार्ज पर 2% छूट

मुजफ्फरनगर में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) द्वारा आरडीएसएस योजना के अंतर्गत पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को कई नई सुविधाएं मिलेंगी, जिससे बिजली उपभोग की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगी और उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे।

मंगलवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर केवल मीटर बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी आधुनिक व्यवस्था है जिससे बिजली उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग, पारदर्शिता और बेहतर सेवा सुनिश्चित की जा सकेगी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना क्या है

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आरडीएसएस योजना के तहत पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और बिजली उपभोग की पूरी जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराना है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को पहले से नियंत्रित कर सकते हैं। यह मीटर रिचार्ज प्रणाली पर आधारित होगा, जिसमें उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली का रिचार्ज कर सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल की पारदर्शिता और सटीक जानकारी प्राप्त होगी।

मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि यह योजना बिजली व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को कई ऐसी सुविधाएं मिलेंगी जो पहले पारंपरिक मीटरों में उपलब्ध नहीं थीं।

बैलेंस खत्म होने पर तुरंत नहीं कटेगी बिजली

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि यदि बैलेंस समाप्त हो गया तो क्या बिजली तुरंत बंद हो जाएगी। इस विषय में विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होगा।

यदि किसी उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर का बैलेंस समाप्त हो जाता है तो बिजली आपूर्ति तुरंत बंद नहीं की जाएगी। उपभोक्ता को तीन दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान उपभोक्ता अपना मीटर रिचार्ज कर सकते हैं और बिजली आपूर्ति लगातार जारी रहेगी।

यह सुविधा विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली है जो किसी कारणवश समय पर रिचार्ज नहीं कर पाते। तीन दिन का अतिरिक्त समय मिलने से उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सुबह और छुट्टियों में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी

स्मार्ट मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।

विभाग के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का बैलेंस समाप्त हो जाता है तो भी सुबह 6 बजे से 8 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी। इसके अलावा पूरे रविवार और किसी भी राजपत्रित अवकाश के दिन भी बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि उपभोक्ताओं को आवश्यक समय में बिजली की सुविधा मिलती रहे और उन्हें अचानक बिजली कटने की समस्या का सामना न करना पड़े।

समय पर रिचार्ज करने पर 2 प्रतिशत की छूट

स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना में उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी दिया जा रहा है। विभाग ने यह व्यवस्था की है कि जो उपभोक्ता समय पर अपने स्मार्ट मीटर का रिचार्ज करेंगे उन्हें बिजली बिल में दो प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

यह छूट उपभोक्ताओं को समय पर रिचार्ज करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। साथ ही इससे उपभोक्ताओं को अपने बिजली खर्च में भी थोड़ी बचत होगी।

विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से बिजली उपभोग की आदतों में भी सुधार आएगा और उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे।

मोबाइल ऐप और वेबसाइट से मिलेगी पूरी जानकारी

स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा लाभ यह है कि उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग की पूरी जानकारी रियल टाइम में देख सकेंगे।

मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से उपभोक्ता यह जान सकेंगे कि उन्होंने कितनी बिजली का उपयोग किया है और उनके मीटर में कितना बैलेंस शेष है। इससे उपभोक्ता अपने बिजली खर्च को नियंत्रित करने में सक्षम होंगे।

इस सुविधा से बिजली बिल से संबंधित पारदर्शिता भी बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग का स्पष्ट आंकड़ा प्राप्त होगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसानी से होगा रिचार्ज

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की रिचार्ज प्रणाली को भी बेहद सरल बनाया गया है। उपभोक्ता विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने मीटर का रिचार्ज कर सकेंगे।

पेटीएम, गूगल पे और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए आसानी से रिचार्ज किया जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वे घर बैठे ही अपने मीटर का रिचार्ज कर सकेंगे।

यह सुविधा विशेष रूप से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को सुविधाजनक सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

एसएमएस और व्हाट्सएप से मिलेगी नियमित जानकारी

स्मार्ट मीटर में एक और महत्वपूर्ण सुविधा दी गई है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत और बैलेंस से संबंधित जानकारी नियमित रूप से एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए मिलती रहेगी।

इससे उपभोक्ता समय-समय पर अपने मीटर की स्थिति से अवगत रहेंगे और उन्हें रिचार्ज करने के लिए भी समय रहते जानकारी मिल सकेगी।

यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को जागरूक रखने और बिजली उपयोग की निगरानी को आसान बनाने के लिए की गई है।

मुजफ्फरनगर और शामली में तेजी से हो रहा काम

विभागीय आंकड़ों के अनुसार पश्चिमांचल क्षेत्र के 14 जनपदों में कुल 76 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग तेजी से काम कर रहा है।

अब तक लगभग 20.7 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्मार्ट मीटर योजना को तेजी से लागू किया जा रहा है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घरों में यह मीटर लगाए जाएंगे।

जनपद शामली में अब तक लगभग 1 लाख 16 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं मुजफ्फरनगर में करीब 87 हजार स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

यह आंकड़े बताते हैं कि दोनों जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस नई व्यवस्था से जुड़ रहे हैं।

आईएसआई प्रमाणित और सुरक्षित हैं स्मार्ट मीटर

स्मार्ट मीटर को लेकर कुछ लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर भी सवाल होते हैं। इस विषय में विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित और आईएसआई प्रमाणित हैं।

इन मीटरों को सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। विभाग ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनके उपयोग से किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील

मुख्य अभियंता विनोद कुमार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में विभाग का सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि यह योजना बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। यदि उपभोक्ता इसमें सहयोग करेंगे तो आने वाले समय में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक बेहतर हो सकेगी।

स्मार्ट मीटर तकनीक के माध्यम से बिजली उपभोग की सटीक जानकारी मिलेगी और इससे बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।


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