
सहारनपुर।
कड़ाके की ठंड के बीच जब शहरवासी रात के समय रजाइयों में दुबके हुए थे, उसी दौरान नगरायुक्त शिपू गिरि नगर निगम द्वारा संचालित स्थायी एवं अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण कर रहे थे। उनका उद्देश्य रैन बसेरों में ठहरे लोगों की समस्याओं को जानना और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असुविधा का शिकार न हो।
रात साढ़े दस बजे शुरू हुआ निरीक्षण अभियान
मंगलवार की रात करीब साढ़े दस बजे नगरायुक्त शिपू गिरि सहायक नगरायुक्त एवं रैन बसेरों के प्रभारी जे.पी. यादव के साथ जनमंच परिसर स्थित रैन बसेरे पहुंचे। उन्होंने वहां ठहरे लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने यह देखा कि लोगों को ठंड से बचाने के लिए की गई व्यवस्थाएं किस स्तर पर हैं।

पेयजल, हीटर और कंबल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने रैन बसेरे में उपलब्ध गरम व ठंडे पेयजल की व्यवस्था, हीटरों की स्थिति, कंबल, बैडशीट और शौचालयों की साफ-सफाई का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि रैन बसेरे में ठहरे प्रत्येक व्यक्ति को ठंड से बचाव के लिए सभी जरूरी सुविधाएं समय पर मिलें।
सीसीटीवी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान
नगरायुक्त ने रैन बसेरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी देखी और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रैन बसेरों में स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता हो, ताकि वहां ठहरे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वातावरण सुरक्षित बना रहे।

अस्थायी रैन बसेरे का भी किया निरीक्षण
इसके बाद नगरायुक्त ने जनमंच के पीछे बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे का भी निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने वहां ठहरे लोगों से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। नगरायुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्थायी रैन बसेरों में भी स्थायी रैन बसेरों जैसी ही सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
व्यवस्थाओं पर जताया संतोष, दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के बाद नगरायुक्त शिपू गिरि ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ठंड के मौसम में लोगों को राहत देने में कहीं भी कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रात के समय शहर में कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न रहने पाए।
सड़कों और पुलों पर रहने वालों को लाने के निर्देश
नगरायुक्त ने सहायक नगरायुक्त को निर्देश दिए कि शहर के पुलों और सड़कों के किनारे रात बिताने वाले लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। इसके लिए उन्होंने दो ई-रिक्शाओं की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रूप से रैन बसेरों तक लाया जा सके।
मेनहोल का ढक्कन बदलने के आदेश
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने रैन बसेरे के बाहर स्थित मेनहोल के खराब ढक्कन को भी देखा और उसे तत्काल बदलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैन बसेरों के आसपास किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होना चाहिए, ताकि वहां आने-जाने वाले लोगों को कोई दुर्घटना न हो।

कर्मचारियों से ली जानकारी, दिए आवश्यक निर्देश
नगरायुक्त ने कर अधीक्षक सुरेंद्र सिंह और उन नगर निगम कर्मचारियों से भी बातचीत की, जो रात के समय सड़कों पर रहने वाले लोगों को उठाकर रैन बसेरों में लाते हैं। उन्होंने उनके कार्य की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि यह कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
पुलिस गश्त बढ़ाने पर दिया जोर
नगरायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि रैन बसेरों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी असामाजिक तत्व रैन बसेरे में शराब पीकर उत्पात न मचाए। इसके लिए उन्होंने पुलिस मोबाइल पार्टी द्वारा नियमित पुलिसिंग किए जाने के निर्देश दिए, ताकि रैन बसेरों में ठहरे लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।