
थाना मीरापुर पुलिस ने "ऑपरेशन सवेरा" एवं "मिशन शक्ति 5.0" के तहत छात्रों को नशा मुक्ति व सुरक्षा के लिए किया जागरूक
मीरापुर/मुजफ्फरनगर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में थाना मीरापुर पुलिस द्वारा शुक्रवार को "ऑपरेशन सवेरा" एवं "मिशन शक्ति 5.0" के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम सनातन धर्म इंटर कॉलेज, मीरापुर में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों, छात्राओं और विद्यालय के स्टाफ को नशा मुक्ति, सुरक्षा जागरूकता और सही मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
नशा मुक्ति पर जागरूकता – छात्रों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह एवं मिशन शक्ति टीम ने विस्तृत रूप से नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया। टीम ने छात्रों को समझाया कि नशा किस प्रकार व्यक्ति के शरीर, मन, परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। नशे का दुष्परिणाम न केवल पढ़ाई पर पड़ता है, बल्कि यह भविष्य को भी अंधकारमय बना सकता है। इसलिए किशोरावस्था और युवावस्था में नशे से दूर रहने के लिए छात्रों को प्रेरित किया गया।
टीम ने छात्रों को नशे से बचने के तरीके भी बताए और यह समझाया कि नशे की शुरुआत अक्सर मज़ाक में या दोस्तों के दबाव में होती है, लेकिन समय रहते जागरूक रहकर इससे पूरी तरह बचा जा सकता है। सभी छात्र-छात्राओं और विद्यालय के स्टाफ को नशा मुक्त समाज बनाने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई, ताकि समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो सके।
साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जानकारी
कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम ने साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। टीम ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया दुरुपयोग जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक छात्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करना चाहिए।
टीम ने छात्रों को यह भी समझाया कि किसी भी संदिग्ध लिंक, फेक कॉल, ओटीपी शेयरिंग या अज्ञात व्यक्ति से प्राप्त डिजिटल अनुरोध पर विश्वास न करें। इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी प्रकार की साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर जानकारी – मिशन शक्ति के तहत जागरूकता
मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। टीम ने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनका सही उपयोग करना आवश्यक है।
इसके साथ ही बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या हिंसा की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें और पुलिस को इसकी सूचना दें।
सतर्क रहने और पुलिस को तुरंत सूचना देने पर जोर
जागरूकता कार्यक्रम में टीम ने छात्रों को यह भी प्रेरित किया कि वे अपने आसपास के वातावरण में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत पुलिस को सूचना दें। छात्रों को बताया गया कि समाज की सुरक्षा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका होती है और सतर्कता बरतकर कई अपराधों को रोका जा सकता है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी
कार्यक्रम में छात्रों और स्टाफ को कई महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनका उपयोग आपात स्थिति में किया जा सकता है—
112 — आपातकालीन सेवा
1090 — महिला हेल्पलाइन
1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन
1930 — साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग
181 — महिला सहायता नंबर
108 — मेडिकल/एम्बुलेंस सेवा
इन नंबरों का उपयोग करके कोई भी व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता प्राप्त कर सकता है।
विद्यालय स्टाफ की उपस्थिति और सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विद्यालय द्वारा ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की गई क्योंकि इससे छात्रों में जागरूकता बढ़ती है और वे अपने जीवन में सही दिशा प्राप्त करते हैं।
इस जागरूकता कार्यक्रम ने छात्रों में नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा संचालित ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता बढ़ाने और अपराधों पर रोक लगाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।