मेरठ CCSU AI Course

मेरठ CCSU AI Course: अब हर छात्र के लिए अनिवार्य हुआ “AI for All”, 100 अंकों का पेपर लागू

शिक्षा में बड़ा बदलाव, एआई को मिला अनिवार्य स्थान

मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और भविष्य उन्मुख फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने बीए, बीएससी और बीकॉम (एनईपी पाठ्यक्रम) में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए “AI for All” कोर्स को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती जरूरत और आने वाले समय में इसकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

इस फैसले के बाद अब हर स्नातक छात्र को एआई की बुनियादी समझ हासिल करना जरूरी होगा, जिससे वे तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बन सकें।

यूजीसी के निर्देशों के अनुरूप लागू हुआ कोर्स

यह नया कोर्स University Grants Commission (यूजीसी) के निर्देशों के अनुरूप लागू किया गया है। यूजीसी लंबे समय से शिक्षा में तकनीकी विषयों को शामिल करने पर जोर दे रहा है, ताकि छात्रों को आधुनिक समय के अनुरूप तैयार किया जा सके।

इस पहल के साथ CCSU अब उन प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है जहां स्नातक स्तर पर एआई शिक्षा को अनिवार्य बनाया गया है। इससे पहले यह व्यवस्था छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में भी लागू की जा चुकी है।

ऑनलाइन मोड में पढ़ाया जाएगा पूरा कोर्स

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कोर्स को सरल और सुलभ बनाने के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। इससे छात्रों को किसी अतिरिक्त बोझ के बिना डिजिटल माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।

यह कोर्स कुल 75 घंटे का होगा, जिसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों शामिल रहेंगे। ऑनलाइन होने के कारण छात्र अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे, जिससे इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है।

3 क्रेडिट का कोर्स, दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाई

“AI for All” कोर्स को 3 क्रेडिट के साथ डिजाइन किया गया है। इसे स्नातक पाठ्यक्रम के दूसरे सेमेस्टर में शामिल किया जाएगा।

इसका मतलब है कि छात्र अपने शुरुआती शैक्षणिक चरण में ही एआई की मूल अवधारणाओं से परिचित हो जाएंगे, जो आगे की पढ़ाई और करियर के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

100 अंकों का होगा मूल्यांकन सिस्टम

इस कोर्स का मूल्यांकन कुल 100 अंकों का होगा। इसमें 40 अंक निरंतर आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के लिए निर्धारित किए गए हैं, जबकि 60 अंक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा के होंगे।

परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के आधार पर होगी, जिससे छात्रों को अवधारणाओं की स्पष्ट समझ विकसित करने में मदद मिलेगी। प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों को स्नातक नियमों के अनुसार ग्रेड प्रदान किए जाएंगे।

ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और प्रश्न बैंक की सुविधा

इस कोर्स के लिए एक चयनित कंपनी द्वारा छात्रों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रश्न बैंक भी दिया जाएगा, जिससे छात्र परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें।

यह सुविधा छात्रों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी सीखने की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाएगी।

कोर्स में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

“AI for All” कोर्स के माध्यम से छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा। इसमें एआई का परिचय, उसका विकास और दैनिक जीवन में उसका उपयोग शामिल होगा।

इसके अलावा मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव एआई की बुनियादी जानकारी भी दी जाएगी। यह विषय आज के डिजिटल युग में बेहद महत्वपूर्ण हैं और भविष्य की तकनीकों की नींव माने जाते हैं।

डेटा और नैतिक पहलुओं पर भी रहेगा फोकस

कोर्स में केवल तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और एआई के सामाजिक एवं नैतिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि एआई का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ कैसे किया जाए, जो कि आज के समय की एक बड़ी आवश्यकता है।

रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयारी

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस पहल से छात्रों की डिजिटल साक्षरता में वृद्धि होगी। साथ ही वे आधुनिक नौकरी बाजार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

एआई की समझ छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर प्रदान कर सकती है, जिससे उनका भविष्य अधिक सुरक्षित और उज्ज्वल बन सकता है।

कुलसचिव ने बताया भविष्य के लिए जरूरी कदम

विश्वविद्यालय के कुलसचिव अनिल कुमार यादव के अनुसार, यह निर्णय छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि एआई आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है और इसकी जानकारी हर छात्र के लिए आवश्यक हो गई है।

सभी कॉलेजों में समान रूप से लागू होगा कोर्स

यह कोर्स केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी संबद्ध कॉलेजों में भी समान रूप से लागू किया जाएगा।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर छात्र, चाहे वह किसी भी कॉलेज में पढ़ रहा हो, उसे एआई की समान शिक्षा प्राप्त हो सके।

भविष्य में पीजी स्तर पर भी लागू करने की योजना

विश्वविद्यालय प्रशासन की योजना है कि भविष्य में इस कोर्स को स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर भी लागू किया जाए।

इस कदम से सभी विषयों के छात्रों को एआई की गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे और अधिक सक्षम बन सके


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