गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2025: 27 दिसंबर को प्रकाश पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा

गुरु गोबिंद सिंह जयंती: सिख धर्म के महान गुरु का पवित्र पर्व

27 दिसंबर 2025 (शनिवार) को सिख समुदाय द्वारा गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रमों के साथ गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाई जाएगी। यह दिन सिख धर्म के दसवें गुरु, वीरता और मानवता के प्रतीक गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म का शुभ स्मरण है। इस अवसर पर श्रद्धा, भक्ति, सेवा और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन और संघर्ष

गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 1666 में पटना साहिब, बिहार में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन को धर्म और न्याय के लिए समर्पित किया। वे न केवल आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि एक महान योद्धा, कवि और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अन्याय के विरुद्ध खड़े रहकर सिखों को स्वाभिमान और साहस से जीवन जीने की प्रेरणा दी।

खालसा पंथ की स्थापना

गुरु गोबिंद सिंह जी का सबसे बड़ा योगदान 1699 में खालसा पंथ की स्थापना है। उन्होंने सिखों को नई पहचान दी और पाँच ककारों का महत्व बताया। खालसा पंथ की स्थापना ने सिख समाज को संगठित, दृढ़ और समानता के मूल्यों पर आधारित जीवन जीने की दिशा प्रदान की।

प्रकाश पर्व क्यों कहा जाता है?

गुरु गोबिंद सिंह जयंती को प्रकाश पर्व कहा जाता है क्योंकि यह दिन सत्य, ज्ञान और धर्म के प्रकाश का प्रतीक है। इस दिन गुरु जी की शिक्षाएँ लोगों को जीवन में सकारात्मकता और मानवता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।

कैसे मनाई जाती है जयंती?

इस पर्व पर सिख समुदाय के लोग सुबह से ही गुरुद्वारों का रुख करते हैं। गुरबाणी का पाठ, कीर्तन, अरदास और अखंड पाठ का आयोजन होता है। प्रभात फेरियाँ निकाली जाती हैं और दिनभर लंगर सेवा चलती है जहाँ सभी लोगों को समान रूप से भोजन कराया जाता है। सेवा और परोपकार को इस दिन विशेष महत्व दिया जाता है।

गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएँ

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मानवता और न्याय को सर्वोपरि माना। उन्होंने सिखाया कि:

  • अन्याय के खिलाफ खड़ा होना हर व्यक्ति का धर्म है
  • समानता और भाईचारे का सम्मान करना चाहिए
  • मानव सेवा ही सर्वोत्तम सेवा है
  • आत्मिक शक्ति और साहस जीवन का आधार हैं

क्या इस दिन अवकाश रहेगा?

कई राज्यों में 27 दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है ताकि लोग इस पवित्र पर्व में शामिल होकर गुरुद्वारे जाकर पूजा-पाठ और सेवा कर सकें।

समापन

गुरु गोबिंद सिंह जयंती 2025, गुरु जी की महान जीवन शिक्षाओं का स्मरण करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अवसर है। यह पर्व समाज में समानता, साहस, आध्यात्मिकता और सेवा का संदेश देता है। दुनिया भर में सिख समुदाय इस दिन को गौरव, भक्ति और उत्साह के साथ मनाएगा।

यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिकता, समर्पण और एकता को भी बढ़ावा देता है।


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