ED ने बंगाल में मारे छापे, भारी मात्रा में नकद और सोना जब्त

ईडी की बड़ी कार्रवाई से कोयला अवैध खनन रैकेट में हड़कंप

कोयला अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई जिलों में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी कोलकाता ने दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता जिलों में 24 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई जगहों से नकद राशि और सोने के रूप में बड़ी जब्तियां की हैं, जिसने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

नरेंद्र खरका और कई कारोबारियों के परिसरों पर छापेमारी

एजेंसी ने यह कार्रवाई मुख्य रूप से उन लोगों के ठिकानों पर की है जिन पर कोयला माफिया सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप हैं। इनमें नरेंद्र खरका, अनिल गोयल, युधिष्ठिर घोष और कृष्ण मुरारी कायल जैसे नाम शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन व्यक्तियों के परिसरों पर ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं जिनकी जांच अभी जारी है।

दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता में एकसाथ रेड

ईडी की टीमों ने सुबह से ही विभिन्न जिलों में समन्वित तरीके से कार्रवाई शुरू की। दुर्गापुर के कई व्यावसायिक परिसरों, पुरुलिया के गोदामों, हावड़ा के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों तथा कोलकाता स्थित कई संदिग्ध ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी चल रही है। इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया।

नकद और सोना जब्त होने से बढ़ा मामला

छापेमारी के दौरान एजेंसी को भारी मात्रा में नकद और सोना मिला है। ईडी ने यह भी संकेत दिया है कि यह जब्ती अवैध कोयला खनन और परिवहन से उत्पन्न काली कमाई का हिस्सा हो सकती है। इस मामले में पिछले कुछ वर्षों से कई लोगों के नाम सामने आते रहे हैं, और अब की गई यह कार्रवाई जांच को और ज्यादा मजबूती प्रदान कर सकती है।

झारखंड और पश्चिम बंगाल में 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी

ईडी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह अकेली कार्रवाई नहीं है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोयला माफियाओं के खिलाफ 40 से अधिक ठिकानों पर समन्वित छापेमारी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक चरण है।

कोयला माफिया नेटवर्क लंबे समय से जांच के दायरे में

कोयला अवैध खनन और परिवहन का यह मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। इस अवैध कारोबार के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई होने का अंदेशा है, जिसमें कई बड़े नामों की संलिप्तता का शक जताया जाता रहा है। ईडी की यह कार्रवाई उसी सिलसिले का हिस्सा है जिसमें अब तक कई चरणों में छापेमारी की जा चुकी है।

ईडी अधिकारियों ने की विस्तृत पूछताछ

छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने कई लोगों से पूछताछ भी की है। कुछ स्थानों से जांच से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसी ने अभी तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

जांच जारी, आगे भी हो सकती हैं और कार्रवाई

ईडी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ एजेंसी अब कड़े कदम उठाने के मूड में है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी परिसरों पर छापेमारी की जा सकती है। फिलहाल जब्त किए गए नकद और सोने की गिनती और सत्यापन जारी है।

राज्य के राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल

इस बड़े पैमाने पर हुई छापेमारी से राज्य के राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले से जुड़े कई नाम पहले भी चर्चा में रहे हैं, और अब ईडी की कार्रवाई से मामले को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है। सभी की नजर ईडी की अगली कार्रवाई पर है।


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