ढमोला नदी की सफाई के लिए करीब 10 करोड़ रुपये स्वीकृत, शाकुम्भरी विहार से ग्राम पिंजौरा तक होगा कार्य

प्रदेश शासन ने पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत दी स्वीकृति
सहारनपुर। प्रदेश शासन ने पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत ढमोला नदी की सफाई के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस परियोजना के अंतर्गत शाकुम्भरी विहार से ग्राम पिंजौरा तक ढमोला नदी में जमा सिल्ट, गार्बेज और स्लश की सफाई कराई जाएगी। शासन की ओर से परियोजना की कुल स्वीकृत धनराशि में से करीब पांच करोड़ रुपये की पहली किस्त भी अवमुक्त कर दी गई है। शासन के निर्देशानुसार इस परियोजना का कार्य प्रारंभ होने की तिथि से 12 माह के भीतर पूरा किया जाएगा।
भविष्य की संभावित बाढ़ से लोगों को राहत दिलाने की पहल
महापौर डॉ. अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ढमोला नदी में आई बाढ़ के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। बाढ़ के दौरान नदी किनारे बसे क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी को ध्यान में रखते हुए ढमोला नदी की सफाई कराना उनके लिए प्राथमिकता का विषय रहा है। उन्होंने बताया कि महापौर चुने जाने के बाद से ही उन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।
नगर निगम ने आईआईटी रुड़की से तैयार कराई थी डीपीआर
महापौर डॉ. अजय कुमार के अनुसार ढमोला नदी की सफाई परियोजना के लिए नगर निगम द्वारा आईआईटी रुड़की से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई गई थी। यह डीपीआर लगभग 1136.76 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई और इसे शासन को भेजा गया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए उन्होंने स्वयं भी शासन स्तर पर कई प्रयास किए।
मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को भेजे गए थे पत्र
परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए महापौर द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 10 दिसंबर 2024 को पत्र लिखकर करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया था। इसके अलावा नगर विकास मंत्री ए.के. सिंह और प्रमुख सचिव नगर विकास को भी 17 दिसंबर 2024 को पत्र लिखकर इस परियोजना को स्वीकृति देने का आग्रह किया गया था। इन प्रयासों के बाद अब प्रदेश शासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
सिंचाई विभाग ने तैयार की थी प्रारंभिक कार्ययोजना
उल्लेखनीय है कि शाकुम्भरी विहार से ग्राम पिंजौरा तक ढमोला नदी में सिल्ट, गार्बेज और स्लश की सफाई के लिए सिंचाई विभाग द्वारा 1139.26 लाख रुपये की डीपीआर तैयार की गई थी। इस डीपीआर को तकनीकी जांच और पर्यवेक्षण के लिए नगर निगम द्वारा 7 मार्च 2025 को आईआईटी रुड़की भेजा गया था, ताकि परियोजना का सही मूल्यांकन और संशोधन किया जा सके।
आईआईटी रुड़की ने संशोधित कर भेजी परियोजना रिपोर्ट
आईआईटी रुड़की ने परियोजना की तकनीकी जांच के बाद इसमें आवश्यक संशोधन करते हुए 1136.76 लाख रुपये की संशोधित डीपीआर 21 अगस्त 2025 को नगर निगम सहारनपुर को भेज दी। इसके बाद नगरायुक्त द्वारा 27 अगस्त 2025 को इस संशोधित डीपीआर को संलग्न करते हुए विशेष सचिव नगर विकास विभाग को पत्र भेजा गया और परियोजना को स्वीकृत करने तथा कार्य के लिए धनराशि जारी करने का अनुरोध किया गया।
परियोजना के लिए करीब 10 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
प्रदेश शासन ने इस परियोजना के लिए कुल 9 करोड़ 94 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही परियोजना की कुल स्वीकृत धनराशि का 50 प्रतिशत यानी 4 करोड़ 97 लाख 47 हजार रुपये की राशि अवमुक्त कर दी गई है। इस संबंध में प्रदेश शासन द्वारा नगर निगम सहारनपुर के नगरायुक्त को 25 मार्च 2026 को आधिकारिक पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी गई है।
परियोजना की निगरानी के लिए बनेगी विशेष समिति
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस परियोजना के कार्यों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता नगरायुक्त, नगर निगम सहारनपुर करेंगे। समिति में मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग, मुख्य अभियंता नगर निगम तथा संबंधित कार्यदायी संस्था के अभियंता और वित्त नियंत्रक भी शामिल होंगे। यह समिति परियोजना के सभी कार्यों की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
12 माह में पूरा करने का दिया गया निर्देश
प्रदेश शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ढमोला नदी सफाई परियोजना का कार्य प्रारंभ होने की तिथि से 12 महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। इस परियोजना के पूरा होने के बाद नदी में जमा सिल्ट और कचरे की सफाई होने से जल प्रवाह बेहतर होगा और भविष्य में संभावित बाढ़ के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
Comments (0)
Be the first to comment on this article.