मेले मे पहलवानों ने दिखाया दमखम, चिलकाना में राष्ट्रीय एकता विशाल दंगल का आयोजन

चिलकाना मे राष्ट्रीय एकता दंगल का भव्य आयोजन
सहारनपुर जनपद के चिलकाना बस स्टैंड पर स्थित माँ बाला देवी सुंदरी मेला परिसर में नशा मुक्ति अभियान के तहत राष्ट्रीय एकता विशाल दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इस दंगल में दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपनी ताकत, तकनीक और दमखम का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे और हर मुकाबले पर जोरदार तालियों से पहलवानों का उत्साहवर्धन किया गया।

बाहर से आए पहलवानों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
दंगल में सहारनपुर जनपद के अलावा पड़ोसी राज्यों से आए पहलवानों ने भी हिस्सा लिया। सभी पहलवानों ने अपने-अपने दांव-पेंच से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। हर मुकाबला बेहद रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिससे मेले में आए लोगों का उत्साह और भी बढ़ गया। दर्शकों ने पहलवानों के हर दांव पर जमकर तालियां बजाईं और माहौल पूरी तरह उत्साह से भर गया।
बाबा अजीतनाथ ब्रह्मचारी के एलान से छाया सन्नाटा
दंगल के दौरान एक ऐसा क्षण आया जब पूरा परिसर सन्नाटे में डूब गया। अयोध्या के हनुमान गढ़ी से आए बाबा अजीतनाथ ब्रह्मचारी ने दंगल में उतरकर सभी पहलवानों को कुश्ती लड़ने की खुली चुनौती दी। उनके इस एलान से कुछ समय के लिए माहौल शांत हो गया। हालांकि सम्मान स्वरूप कोई भी पहलवान उनके सामने कुश्ती लड़ने के लिए आगे नहीं आया, जिससे यह पल दंगल का सबसे खास और चर्चा का विषय बन गया।
नेपाल और झांसी के पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबला
दंगल के सबसे रोमांचक मुकाबलों में नेपाल से आए अर्जुन पंडित और झांसी से आए तूफान पहलवान के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। दोनों पहलवानों ने शानदार कुश्ती का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में अर्जुन पंडित ने अपनी ताकत और तकनीक के दम पर तूफान पहलवान को पराजित कर मुकाबला अपने नाम किया और इनाम जीता। इस मुकाबले ने दर्शकों को काफी रोमांचित किया।
गंगोह और कुरुक्षेत्र के पहलवानों में जोरदार टक्कर
एक अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले में गंगोह से आए बाबर पहलवान और कुरुक्षेत्र से आए बिल्ला फौजी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों पहलवानों ने अपने-अपने दांव-पेंच से मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः बाबर पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिल्ला फौजी को हराकर जीत हासिल की और दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
दंगल बना हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महताब चौधरी ने दंगल को संबोधित करते हुए कहा कि माँ बाला देवी सुंदरी मेले में आयोजित यह दंगल हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में भाईचारे और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने सभी पहलवानों की सराहना करते हुए विजेताओं को इनाम देकर सम्मानित किया।
शास्त्री पहलवान ने किया दंगल का संचालन
दंगल का संचालन हरिद्वार से आए देवराम अखाड़ा आश्रम के शास्त्री पहलवान द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया और सभी मुकाबलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। उनके संचालन से दंगल का आयोजन सुचारू रूप से चलता रहा और दर्शकों को एक बेहतरीन अनुभव मिला।
हजारों दर्शकों की रही मौजूदगी
इस भव्य आयोजन के दौरान हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महताब चौधरी के अलावा कुश्ती सहायक इमरान, ठेकेदार इरशाद, नदीम, इकराम, साहिल पहलवान, फतेहदीन उस्ताद, राहुल पहलवान गाजीपुर और अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दंगल का आनंद लिया और पहलवानों के प्रदर्शन की सराहना की।
नशा मुक्ति अभियान के तहत हुआ आयोजन
यह पूरा दंगल नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के खेल आयोजनों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
मेले में उमड़ा उत्साह और जोश
माँ बाला देवी सुंदरी मेला परिसर में आयोजित इस दंगल ने मेले के माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। हर मुकाबले के साथ दर्शकों का जोश बढ़ता गया और पूरे आयोजन के दौरान उत्साह चरम पर रहा। यह दंगल न केवल खेल का प्रदर्शन था, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का भी संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ।
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