बिडवी शुगर मिल द्वारा किराया बढ़ाने पर नसरूल्लागढ़ गन्ना सेंटर पर हड़ताल, वार्ता विफल

किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी
नसरूल्लागढ़ के गन्ना तौल केंद्र पर पिछले दो दिन से किसान दरी बिछाकर धरना दे रहे हैं। भारतीय किसान मजदूर संगठन के युवा ब्लॉक अध्यक्ष अमित राणा के नेतृत्व में किसान इस विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ा रहे हैं। धरने की मुख्य वजह यह है कि बिडवी शुगर मिल द्वारा गन्ना तौल केंद्र पर किसानों से लिए जाने वाले किराए में वृद्धि कर दी गई है। पहले जहाँ प्रति क्विंटल 9 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 12 रुपये कर दिया गया। इस निर्णय के विरोध में किसान एकजुट होकर तौल केंद्र पर बैठे हुए हैं।
किराया बढ़ाने को लेकर किसानों में नाराजगी
किसानों का कहना है कि पिछले साल बिडवी शुगर मिल प्रबंधन के साथ यह तय हुआ था कि शेरमऊ शुगर मिल को जो 9 रुपये प्रति क्विंटल किराया दिया जा रहा है, वही किराया उनसे लिया जाएगा। किसानों का तर्क है कि जब 9 रुपये किराया तय हो चुका था तो बिना किसी सहमति या बैठक के इसे 12 रुपये प्रति क्विंटल कर देना अनुचित है। किसानों ने इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है और कहा है कि वे 12 रुपये प्रति क्विंटल किराया देने को तैयार नहीं हैं।
बिडवी शुगर मिल प्रबंधन और अधिकारियों के साथ वार्ता विफल
धरने पर बैठे किसानों से वार्ता करने के लिए बिडवी शुगर मिल के प्रबंध निदेशक संतोष विकास कुमार और गन्ना विभाग के सीडीओ अरविंद भानु राणा आज नसरूल्लागढ़ पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने आंदोलनकारी किसानों के साथ विस्तृत बातचीत की और किराया बढ़ाने के पक्ष में कई तर्क भी दिए।
लेकिन किसान अपने पुराने निर्णय पर अडिग रहे और उन्होंने स्पष्ठ रूप से कहा कि वे 12 रुपये प्रति क्विंटल के किराए को स्वीकार नहीं करेंगे। दोनों पक्षों के बीच किसी भी बिंदु पर सहमति न बन पाने के कारण यह वार्ता विफल हो गई। इसके बाद किसान और अधिक नाराज दिखाई दिए तथा धरने को जारी रखने का फैसला किया।
किसानों की एकजुटता, आंदोलन को मिल रहा समर्थन
गन्ना तौल केंद्र पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र होकर धरना दे रहे हैं। भारतीय किसान मजदूर संगठन के युवा ब्लॉक अध्यक्ष अमित राणा के साथ-साथ दीपक सैनी (युवा तहसील उपाध्यक्ष), प्रीतम ठाकुर, अनिल राणा, संदीप पुंडीर, भीम राणा, जयचंद राणा, तेजपाल सैनी, देवेंद्र राणा, करमजीत राणा, जनक कुमार, विशांत राणा, सतपाल राणा, सतपाल धीमान, अंकित कुमार सहित कई किसान लगातार तौल केंद्र पर मौजूद हैं। सभी किसान बिडवी शुगर मिल द्वारा किराया बढ़ाने के निर्णय से बेहद नाराज दिख रहे हैं।
गांव के किसानों में रोष, आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है
गांव के गन्ना उत्पादक किसान इस किराया वृद्धि को पूरी तरह गलत बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि बिडवी शुगर मिल ने अपने किराया बढ़ाने के निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। किसानों ने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे वापस शेरमऊ शुगर मिल से जुड़ने की मांग भी जोर-शोर से उठा सकते हैं।
किसानों की यह नाराजगी और बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में यह मामला और गंभीर हो सकता है। किसानों का कहना है कि वे अपने अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक किराया वापस 9 रुपये प्रति क्विंटल नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
Comments (0)
Be the first to comment on this article.