
बांग्लादेश में फैसले के बाद धानमंडी 32 बना हिंसा का केंद्र
बांग्लादेश में फैसले सुनाए जाने के बाद राजधानी ढाका के धानमंडी 32 क्षेत्र में सबसे ज्यादा हिंसक गतिविधियां देखने को मिलीं। यह वही इलाका है जहां बांग्लादेश के संस्थापक और प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का आवास स्थित है। फैसले के तुरंत बाद भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
50 से अधिक लोग घायल, सुरक्षाकर्मी भी शामिल
बांग्लादेशी प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की इन घटनाओं में सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं, जिनमें कई को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। धानमंडी 32 के आसपास के क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तनाव की स्थिति बनी रही, जहां भीड़ के साथ पुलिस का लगातार आमना-सामना होता रहा।
जुलूस, मार्च और हाईवे ब्लॉक — शहर का जनजीवन प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने ढाका और आसपास के इलाकों में मार्च निकाले और कई प्रमुख हाईवे को ब्लॉक कर दिया। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया और लोगों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी। देश के कई अन्य इलाकों में भी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की जानकारी मिली है।
पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का किया इस्तेमाल
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए साउंड ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले छोड़े। कई जगहों पर भीड़ उग्र होती चली गई, जिसके बाद पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को काबू में करने के लिए बल का सीमित और रणनीतिक उपयोग किया गया।
पिछले हफ्ते 50 से ज्यादा आगजनी और बम हमले
प्रमुख अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में बांग्लादेश में 50 से अधिक आगजनी की घटनाएं और देसी बम हमले हुए हैं। इन घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार हो रही हिंसा ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने इस मामले में आपात बैठकें बुलाई हैं और सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर हमला
हिंसा की घटनाओं के बीच सोमवार देर रात किशोरगंज स्थित पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के घर पर भीड़ ने हमला किया और तोड़फोड़ की। यह घटना उस समय हुई जब इलाके में फैसले के बाद जश्न के लिए एक जुलूस निकाला गया था।
अखबार प्रथम अलो के अनुसार, 20-30 लोगों की भीड़ अचानक पूर्व राष्ट्रपति के आवास की ओर बढ़ी और वहां हमला कर दिया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की।
फैसले के बाद पूरे देश में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
बांग्लादेश में फैसले के बाद फैल रही हिंसा और तनाव को देखते हुए सरकार ने ढाका समेत कई जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) को तैनात किया गया है।
देशभर में जारी तनाव के बीच आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। कई बाजार, दुकानें और ऑफिस समय से पहले ही बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
धानमंडी 32 पर क्यों बढ़ा तनाव?
धानमंडी 32 वह स्थान है जहां बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान का घर स्थित है। इस स्थान का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। फैसले के बाद यहां भीड़ का इकट्ठा होना और उसके बाद हिंसा का फैलना पूरे देश के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।