महापौर डॉ. अजय कुमार व नगरायुक्त शिपू गिरि ने हरी झंडी दिखाकर एंटी रेबीज अभियान का किया शुभारंभ

सहारनपुर प्रदेश का पहला एंटी रेबीज सिटी बनने की ओर बढ़ा कदम

सहारनपुर। महानगर सहारनपुर को प्रदेश का पहला एंटी रेबीज सिटी बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। महापौर डॉ. अजय कुमार एवं नगरायुक्त शिपू गिरि ने वार्ड संख्या 40 स्थित नगर निगम परिसर से कुत्तों में एंटी रेबीज वैक्सीनेशन अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर निगम की टीमों को हरी झंडी दिखाकर वार्डों में भेजा और स्वयं अभियान की शुरुआत के तहत कुत्तों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत युद्ध स्तर पर अभियान

सहारनपुर प्रदेश का पहला ऐसा महानगर बन गया है, जहां भारत सरकार के राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कुत्तों में एंटी रेबीज वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत युद्ध स्तर पर की गई है। इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए नगर निगम द्वारा पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार वार्डों में जाकर कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाएंगी।

वार्ड 40 से हुई शुरुआत, सभी 70 वार्ड होंगे कवर

अभियान की शुरुआत वार्ड संख्या 40 से की गई है। नगर निगम का लक्ष्य है कि महानगर के सभी 70 वार्डों को इस अभियान के तहत कवर किया जाए। योजना के अनुसार लगभग चार दिन में एक वार्ड को कवर किया जाएगा, जिससे करीब 300 दिनों में पूरे शहर को एंटी रेबीज वैक्सीनेशन से सुरक्षित किया जा सके।

महापौर डॉ. अजय कुमार ने दिए विशेष निर्देश

महापौर डॉ. अजय कुमार ने अभियान के शुभारंभ अवसर पर नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह अभियान सार्वजनिक स्थलों पर प्राथमिकता के साथ चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, धर्मस्थल और भीड़भाड़ वाले स्थानों के आसपास अभियान को विशेष रूप से तेज किया जाए, ताकि आम नागरिकों को रेबीज के खतरे से सुरक्षित रखा जा सके।

2030 तक भारत को रेबीज मुक्त बनाने का लक्ष्य

महापौर डॉ. अजय कुमार ने जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत को रेबीज मुक्त बनाना है। इसके अंतर्गत कुत्तों के काटने से होने वाली रेबीज जनित मौतों को वर्ष 2030 तक शून्य पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहारनपुर नगर निगम इसी राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप यह अभियान चला रहा है।

नगरायुक्त शिपू गिरि ने बताया निगम का रोडमैप

नगरायुक्त शिपू गिरि ने कहा कि नगर निगम द्वारा कुत्तों में एंटी रेबीज वैक्सीनेशन अभियान लगातार चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक नगर निगम लगभग 24 हजार कुत्तों की नसबंदी कर चुका है और नसबंदी के दौरान भी कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीनेशन दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कुत्तों को पहले वैक्सीनेशन दिया गया था, उन्हें भी अब बूस्टर डोज दी जाएगी।

सहारनपुर बनेगा प्रदेश का पहला रेबीज फ्री सिटी

नगरायुक्त शिपू गिरि ने कहा कि यह नगर निगम की बड़ी उपलब्धि है कि सहारनपुर को प्रदेश का पहला रेबीज फ्री सिटी बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेबीज से बचाव के संबंध में सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान मानव और पशु के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

पांच टीमों के साथ अभियान, हर टीम में विशेषज्ञ शामिल

नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के लिए कुल पांच टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में चार डॉग कैचर, एक वैक्सीनेटर, एक पशु चिकित्सक और एक वाहन शामिल है। उन्होंने बताया कि अभियान को वार्डवार चलाया जाएगा और पहले दिन सभी टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और वार्ड संख्या 40 में कार्य करेंगी।

वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों पर लगाया जाएगा पहचान चिन्ह

डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों की पहचान के लिए उन पर विष रहित कलर मार्क लगाया जाएगा और फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से छोड़ दिया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किन कुत्तों को वैक्सीन दी जा चुकी है।

शहर में अनुमानित 40 हजार कुत्ते

उन्होंने बताया कि अनुमान के अनुसार सहारनपुर महानगर में लगभग 40 हजार कुत्ते हैं। नगर निगम का प्रयास है कि 300 दिनों के भीतर सभी कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीनेशन के दायरे में लाया जाए। साथ ही प्रत्येक वर्ष कुत्तों को रेबीज का बूस्टर डोज भी दिया जाएगा।

रेबीज से बचाव ही एकमात्र उपाय

डॉ. मिश्रा ने बताया कि रेबीज एक वायरस जनित बीमारी है और इससे बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है। समय पर वैक्सीनेशन से न केवल पशुओं को बल्कि आम जनता को भी इस घातक बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकता है।

अभियान में अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर अपर नगरायुक्त मृत्युंजय, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी सहित नगर निगम के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही क्षेत्रीय पार्षद राजेंद्र कोहली, पार्षद मुकेश गक्खड़ एवं पूर्व सभासद प्रवेश धवन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अभियान में सहभागिता की।


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