दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले के खतरे के बीच देश के टॉप एयरपोर्ट पर लगेगा एडवांस्ड एंटी-ड्रोन सिस्टम

ड्रोन खतरे के मद्देनज़र बड़े एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ाने की कवायद तेज

दिल्ली एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन से हमले की आशंका को देखते हुए देश की एयर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर एडवांस्ड एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट पर भले ही कुछ बेसिक स्तर के सिस्टम पहले से मौजूद हैं, मगर अब इनके स्थान पर हाई-टेक और समर्पित एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे।

2026 तक 10 बड़े एयरपोर्ट को बनाया जाएगा पूरी तरह ड्रोन-प्रूफ

सूत्रों के मुताबिक प्रयास यह है कि वर्ष 2026 के अंत तक देश के सबसे बड़े 10 एयरपोर्ट ऐसे सिस्टम से लैस हों, जो किसी भी संदिग्ध ड्रोन गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई कर सकें। ड्रोन हमले की बढ़ती घटनाओं और तकनीक के तेजी से विकसित होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने भी एयरपोर्ट सुरक्षा को नए स्तर पर पहुंचाने की योजना तैयार की है। इसके तहत एंटी-ड्रोन सिस्टम की क्षमता, रेंज, तकनीक और प्रतिक्रिया समय को लेकर विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।

कहां और कैसे लगेगा सिस्टम, इस पर किया जा रहा विस्तृत अध्ययन

एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि फिलहाल इस बात पर चर्चा चल रही है कि किस एयरपोर्ट की जरूरत के हिसाब से कौन-सा सिस्टम लगाया जाना उचित होगा। अलग-अलग एयरपोर्ट का क्षेत्रफल, वहां उड़ानों की संख्या, रनवे का आकार, एयर ट्रैफिक का घनत्व और आसपास की भू-भौगोलिक स्थिति — इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम के प्रकार का चयन किया जाएगा।

तकनीकी मानकों और सुरक्षा जरूरतों का किया जा रहा विश्लेषण

सूत्रों के अनुसार, सिस्टम की प्रमुख खूबियों पर भी अध्ययन जारी है। जैसे—

ड्रोन को कितनी दूरी से डिटेक्ट करने की क्षमता होनी चाहिए क्या सिस्टम में केवल अलर्ट फीचर हो या ड्रोन को निष्क्रिय (Neutralize) करने की क्षमता भी एयरपोर्ट की संरचना के अनुसार रडार, सेंसर और जैमर की क्या आवश्यकताएं होंगी इन सभी तकनीकी पहलुओं पर विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से मूल्यांकन किया जा रहा है।

दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर मौजूद बेसिक सिस्टम को किया जाएगा अपग्रेड

हालांकि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर अभी कुछ बेसिक एंटी-ड्रोन सिस्टम संचालित हो रहे हैं, लेकिन बढ़ते खतरे को देखते हुए इन्हें अपग्रेड करने की योजना बन रही है। नए सिस्टम अधिक रेंज वाले, अधिक सटीक और रियल-टाइम अलर्ट देने की क्षमता वाले होंगे, ताकि किसी भी ड्रोन गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

एएआई ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर बनाई रणनीति

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सुरक्षा एजेंसियों, टेक्निकल विशेषज्ञों और मंत्रालयों के साथ मिलकर एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। इसके तहत हर एयरपोर्ट के लिए अलग-अलग आवश्यकताओं के अनुसार सिस्टम का चयन किया जाएगा। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिस्टम हवा में उड़ान भरने वाले विमानों के नेविगेशन सिस्टम में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न करे।

देश के हवाई अड्डों पर सुरक्षा को नई दिशा देने की तैयारी

ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच एयरपोर्ट सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं। ऐसे में एंटी-ड्रोन सिस्टम की स्थापना देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि एयर ऑपरेशन्स को बाधित करने वाले संभावित ड्रोन खतरों को भी कम करेगी।


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